September 25, 2026

टमाटर बेचने का फैसला बदला जिंदगी, छत्तीसगढ़ की बेटी बनी करोड़पति; 100 से ज्यादा लोगों को रोजगार

रायपुर। आज के दौर में जहां अधिकांश युवा कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी की तलाश में प्रयासरत हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के चारमुडिया ग्राम निवासी एक कृषक परिवार की सुपुत्री स्मारिका चंद्राकर ने एक प्रेरणास्पद उदाहरण प्रस्तुत किया है। स्मारिका ने लाखों रुपये के आकर्षक वेतन वाली नौकरी का त्याग कर आधुनिक पद्धति से टमाटर की कृषि को अपनाया और अपनी मेहनत के बल पर आज करोड़ों का व्यवसाय स्थापित कर चुकी हैं।

स्मारिका चंद्राकर का परिचय एवं पृष्ठभूमि

प्राप्त विवरण के अनुसार, चारमुडिया ग्राम के एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली स्मारिका ने राजधानी से अभियांत्रिकी (इंजीनियरिंग) की शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात पुणे से प्रबंधन (MBA) की उपाधि प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने लगभग पांच वर्षों तक एक उत्कृष्ट पैकेज पर कॉर्पोरेट नौकरी की।

जब वह अवकाश के समय अपने पैतृक गांव आती थीं, तो अपना अधिकांश समय खेतों में व्यतीत करती थीं। कृषक पृष्ठभूमि से होने के कारण उन्हें कृषि का प्राथमिक ज्ञान पूर्व से ही प्राप्त था। धीरे-धीरे उन्होंने धान की पारंपरिक खेती की सूक्ष्म बारीकियों को समझना आरंभ किया।

स्मारिका को यह अनुभव हुआ कि धान की फसल वर्ष में केवल दो बार ही उत्पादित होती है, जबकि सब्जियों का उत्पादन वर्ष में कई बार किया जा सकता है, जिससे वित्तीय लाभ भी अधिक प्राप्त होता है। इस विचार पर कार्य करते हुए उन्होंने वर्ष 2021 में अपनी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और पूर्णकालिक रूप से कृषि क्षेत्र की ओर रुख करते हुए 20 एकड़ से अधिक भूमि पर सब्जियों की उन्नत खेती प्रारंभ कर दी।

व्यापक पैमाने पर उत्पादन और रोजगार सृजन

वर्तमान में उनके खेतों में उत्पादित होने वाले टमाटरों की आपूर्ति विशाखापत्तनम, पटना, कोलकाता, दिल्ली तथा बेंगलुरु सहित देश के अन्य प्रमुख महानगरों तक की जाती है। विगत कुछ वर्षों के दौरान उनके खेतों में प्रति एकड़ लगभग 50 टन टमाटर की बंपर पैदावार दर्ज की गई है।

आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष (फाइनेंशियल ईयर) में उनका कुल कारोबार (टर्नओवर) 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कृषि व्यवसाय के इस सफल मॉडल के माध्यम से उन्होंने लगभग 125 से अधिक स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी प्रदान किया है।