चंडीगढ़:पंजाब में आने वाले दिनों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो सकता है, जिससे आम जनता और उद्योगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। राज्य में विद्युत आपूर्ति के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों ने वर्तमान हालात को लेकर बेहद गंभीर चिंता व्यक्त की है। पंजाब राज्य बिजली इंजीनियर्स एसोसिएशन ने इस विषय को बेहद संवेदनशील मानते हुए सीधे प्रबंधन के शीर्ष स्तर पर अपनी आवाज उठाई है और स्पष्ट शब्दों में आगाह किया है कि यदि बुनियादी ढाँचे और तकनीकी तंत्र में सुधार नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश की विद्युत व्यवस्था किसी भी समय पूरी तरह ठप हो सकती है।
एसोसिएशन ने पावरकॉम के शीर्ष प्रबंधन को पत्र लिखकर दर्ज कराई अपनी गंभीर आपत्तियां
इंजीनियर्स एसोसिएशन की ओर से इस गहराते संकट को लेकर पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (पावरकॉम) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) को एक बेहद महत्वपूर्ण और आधिकारिक पत्र भेजा गया है। इस पत्र के माध्यम से संगठन ने लंबे समय से लंबित पड़ी तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं की एक लंबी फेहरिस्त प्रबंधन के सामने रखी है। इंजीनियरों का कहना है कि वे लगातार विपरीत परिस्थितियों में काम कर रहे हैं और शीर्ष स्तर पर बार-बार ध्यान आकर्षित कराए जाने के बावजूद अब तक इन बुनियादी समस्याओं का कोई ठोस या स्थाई समाधान नहीं निकाला गया है, जिससे तकनीकी अमले में निराशा का माहौल है।
स्टाफ की भारी कमी और बढ़ते कार्यभार से फील्ड स्तर पर चुनौतियां हुईं बेकाबू
इंजीनियरों द्वारा प्रबंधन को भेजे गए पत्र में जिन मुख्य कारणों का उल्लेख किया गया है, उनमें फील्ड स्तर पर कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ की भारी कमी सबसे प्रमुख है। रिक्त पदों को न भरे जाने के कारण मौजूदा अधिकारियों और कर्मचारियों पर काम का बोझ (वर्कलोड) कई गुना बढ़ चुका है। इसके साथ ही, सब-स्टेशनों और वितरण प्रणालियों में लंबे समय से बनी तकनीकी खामियों को दूर न किए जाने के कारण जमीनी स्तर पर रोज नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। कार्यभार के इस अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव के चलते फील्ड इंजीनियरों के लिए चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
सुधारात्मक कदम न उठाने पर बिजली संकट गहराने के आसार, बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट
एसोसिएशन ने अपने पत्र के अंत में प्रबंधन को कड़े लहजे में सचेत किया है कि यदि बिजली विभाग और राज्य सरकार ने इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया और जल्द ही कोई प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो इसके गंभीर और दूरगामी परिणाम पूरे राज्य को भुगतने पड़ सकते हैं। तकनीकी खामियों और जनशक्ति की कमी के कारण ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइनों पर अत्यधिक दबाव बढ़ रहा है, जिससे किसी भी समय बड़े स्तर पर ब्रेकडाउन होने का खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते रिक्त पदों को भरने और तकनीकी ढांचे को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो आने वाले समय में इंजीनियर अपनी सुरक्षा और व्यवस्था के हित में सख्त रुख अपनाने पर मजबूर हो सकते हैं।

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