चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में उस वक्त तनाव और बढ़ गया, जब विपक्ष के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। तंजौर में एक जनप्रदर्शन के दौरान दिए गए बयान को लेकर हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद उदयनिधि ने अपनी बात रखते हुए तीखा रुख अपनाया। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद बताया।
आरोपों को नकारा, सत्ता पक्ष पर साधा निशाना
अपने रुख पर अड़े रहते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि जिस बात को लेकर बखेड़ा खड़ा किया जा रहा है, वह असल में कहा ही नहीं गया।
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गलत व्याख्या का आरोप: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके सार्वजनिक भाषण के शब्दों का गलत अर्थ निकालकर तिल का ताड़ बनाया जा रहा है।
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मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास: विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन अपनी नाकामियों को छिपाने और जमीनी समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने के लिए ऐसी दंडात्मक कार्रवाइयों का सहारा ले रहा है।
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सोशल मीडिया की राजनीति पर तंज: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता के वास्तविक सरोकारों से दूर रहकर केवल रील्स और प्रचार में व्यस्त रहने वाली व्यवस्था से ऐसे ही कदमों की उम्मीद की जा सकती है।
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अदालत में देंगे चुनौती: उदयनिधि ने साफ किया कि वे इस तरह के मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं और अपने वकीलों के जरिए अदालत में इस फर्जी मामले की धज्जियां उड़ाएंगे।

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