आबूरोड (सिरोही) | नीट (NEET) परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, ईंधन की आसमान छूती कीमतों और स्थानीय नगरपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आबूरोड ब्लॉक एवं नगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पहले ब्लॉक स्तर पर धरना दिया और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर जनहित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर तुरंत एक्शन लेने की मांग की गई।
ईंधन संकट और अघोषित बिजली कटौती से आम जनता बेहाल
क्षेत्रीय विधायक मोतीराम कोली के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में राज्य की चरमराती व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पूरे प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और बिजली की नियमित आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ईंधन संकट का आलम यह है कि पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं और कई जगहों पर तो बेहद सीमित मात्रा में ही डीजल-पेट्रोल दिया जा रहा है। इस अव्यवस्था के कारण आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों को खेती-किसानी के सीजन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली
धरना-प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गणेश बंजारा और नगर अध्यक्ष नरगिस कायमखानी ने स्थानीय स्तर पर गहराते पेयजल संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आबूरोड तहसील क्षेत्र में पानी की सप्लाई का कोई निश्चित समय नहीं है, जिससे लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। यही नहीं, क्षेत्र के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जहाँ जीवन रक्षक दवाइयों की किल्लत, जरूरी जांच मशीनों का खराब होना और डॉक्टरों के रिक्त पद मरीजों के लिए आफत बन गए हैं। इसके अलावा बजरी और पत्थर की रॉयल्टी से जुड़ी समस्याओं के कारण निर्माण कार्य ठप पड़े हैं, जिससे स्थानीय मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
नगरपालिका में भ्रष्टाचार का आरोप और पुलिस चौकी की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय नगरपालिका प्रशासन को भी आड़े हाथों लिया और वहां बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अनियमितताओं व भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए। ज्ञापन के माध्यम से शहर की लचर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने, टूटी सड़कों की मरम्मत करने और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुधारने की मांग की गई। इसके साथ ही क्षेत्र में पैर पसार रहे जुए, सट्टे, नशाखोरी और बढ़ती चोरी की वारदातों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन से कड़े कदम उठाने की अपील की गई। कार्यकर्ताओं ने आबूरोड के गांधीनगर इलाके में सुरक्षा के लिहाज से लंबे समय से लंबित पड़ी पुलिस चौकी की स्थापना को भी जल्द से जल्द पूरा करने की पुरजोर मांग उठाई और चेतावनी दी कि यदि इन जनसमस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो पार्टी उग्र जन आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

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