भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन ने सक्रिय राजनीति से लगभग 10 महीने का ब्रेक लेने का फैसला किया है। वे अपनी उच्च शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तेलंगाना कांग्रेस के प्रभारी पद की जिम्मेदारी छोड़कर 21 सितंबर को लंदन के लिए रवाना होंगी।
लंदन स्कूल ऑफ बिजनेस में मिला प्रवेश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन को प्रतिष्ठित लंदन स्कूल ऑफ बिजनेस में अर्थशास्त्र से जुड़े 10 महीने के एक विशेष कोर्स के लिए प्रवेश मिला है। इस अध्ययन के लिए उन्हें छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) भी प्राप्त हुई है, जिसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखने का यह निर्णय लिया है। वे अपने इस फैसले से कांग्रेस पार्टी के उच्च कमान को पहले ही अवगत करा चुकी हैं। उनके लंदन जाने के बाद अब तेलंगाना कांग्रेस में नए प्रभारी की नियुक्ति को लेकर पार्टी स्तर पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है।
राज्यसभा चुनाव और सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
मीनाक्षी नटराजन इसी साल मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक प्रत्याशी बनाई गई थीं और उन्होंने अपना नामांकन भी दाखिल किया था। हालांकि, गत 9 जून को रिटर्निंग ऑफिसर ने फॉर्म-26 में तेलंगाना के एक आपराधिक मामले का विवरण और अधूरा शपथपत्र होने का हवाला देते हुए उनका नामांकन खारिज कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन 12 जून को शीर्ष अदालत ने चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी थी, हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया था कि यह टिप्पणियां भविष्य की चुनाव याचिका को प्रभावित नहीं करेंगी। नटराजन ने हमेशा से किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने के आरोपों को नकारा था।
छात्र राजनीति से लेकर संसद तक का सफर
मीनाक्षी नटराजन का राजनीतिक सफर काफी लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है:
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1999-2002: कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहीं।
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2002-2005: मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस की अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।
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2008: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की सचिव नियुक्त हुईं।
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2009-2014: मध्य प्रदेश की मंदसौर लोकसभा सीट से सांसद रहीं (15वीं लोकसभा)।
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2019: मंदसौर सीट से एक बार फिर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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फरवरी 2025: कांग्रेस द्वारा तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रभारी नियुक्त की गईं।
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2026: मध्य प्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी बनीं, हालांकि तकनीकी कारणों से नामांकन खारिज हुआ।

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