November 3, 2026

CM मोहन यादव बोले- रील बनाने के बजाय जनता की समस्याओं का समाधान करें पुलिसकर्मी

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के पुलिस बल को सोशल मीडिया पर वर्चुअल लोकप्रियता के मोह में रील बनाने से बचने की सख्त नसीहत देते हुए मैदानी स्तर पर जनता की वास्तविक और गंभीर समस्याओं के समाधान पर पूरा ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया है। राजधानी के भौंरी स्थित केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में आयोजित उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) बैच के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर पुलिसकर्मी से यह अपेक्षा है कि वह समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं, बच्चों, गरीबों और कमजोर तबकों के लिए किसी देवदूत से कम साबित न हो और एक ऐसा अधिकारी बने जिसका सम्मान पूरे समाज में समान रूप से हो।

सोशल मीडिया के आकर्षण से दूर सामाजिक सरोकारों पर दें ध्यान

समारोह के दौरान 44वें और 45वें डीएसपी बैच के नवनियुक्त अधिकारियों की परेड का निरीक्षण करने के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज का यह दौर पूरी तरह से सोशल मीडिया और डिजिटल चमक-धमक का युग बन चुका है, लेकिन हमारे लिए आभासी दुनिया की रीलों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हमारे अपने 'सोशल इश्यू' यानी सामाजिक मुद्दे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि पुलिस अधिकारियों को अपनी हर एक सांस और क्षण का उपयोग सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के बजाय आम जनता की वास्तविक (रियल) समस्याओं का त्वरित और ठोस समाधान खोजने में करना चाहिए।

पब्लिक सर्विस में प्रवेश और मध्य प्रदेश पुलिस का गौरवशाली अतीत

दीक्षांत समारोह के समापन अवसर पर नवनियुक्त अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह पासिंग आउट समारोह केवल प्रशिक्षण का अंत नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जनसेवा और लोक प्रशासन के पवित्र क्षेत्र में एक शानदार प्रवेश है। उन्होंने मध्य प्रदेश के साढ़े आठ करोड़ नागरिकों की सुरक्षा का अभूतपूर्व दायित्व संभालने जा रहे सभी युवा अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि जब-जब राज्य के सामने कठिन चुनौतियाँ आईं, तब-तब यहाँ के पुलिस बल ने अपनी कर्तव्यपरायणता और दक्षता के बल पर उत्कृष्टता के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।

चंबल और रीवा अंचल में डाकुओं के सफाए का किया जिक्र

इतिहास के पन्नों को पलटते हुए मुख्यमंत्री ने स्मरण कराया कि स्वतंत्रता के बाद एक लंबे समयांतराल तक यह पूरा राज्य कुख्यात डकैतों और अपराधियों के साए में जीवन जीने को विवश था, चाहे वह चंबल का जटिल इलाका हो या फिर रीवा का अंचल। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने अपनी असाधारण वीरता और रणनीति के दम पर उन तमाम जटिल चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया और प्रदेश को उस भयानक अभिशाप से पूरी तरह मुक्त कराया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पुलिस बल की यह नई पीढ़ी अपनी प्रतिबद्धता से राज्य में कानून और व्यवस्था के और अधिक ऊंचे मानक स्थापित करेगी।