BRICS मंच पर चीन का संदेश: सहयोगी देशों के साथ एकता को लेकर क्या बोले वांग यी?

नई दिल्ली | भारत में तैनात चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने हाल ही में नई दिल्ली में संपन्न हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की सफलता पर भारत को बधाई दी है। इस महत्वपूर्ण बैठक में चीन का प्रतिनिधित्व कर रहे राजदूत फेइहोंग (जो चीनी विदेश मंत्री वांग यी की अनुपस्थिति में शामिल हुए थे) ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक माहौल के बीच ब्रिक्स देशों ने कई अहम मुद्दों पर बेहद सकारात्मक और गंभीर बातचीत की है। उन्होंने भरोसा जताया कि चीन संगठन के सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर आपसी एकता और सहयोग को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

वैश्विक मुद्दों पर बनी व्यापक सहमति

राजदूत शू फेइहोंग के अनुसार, बैठक के बाद जारी किया गया आधिकारिक बयान और परिणाम दस्तावेज इस बात का गवाह है कि दुनिया भर के समसामयिक मुद्दों, ब्रिक्स के भविष्य और वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार को लेकर सभी सदस्य देशों के विचार एक समान हैं। चीन ने साफ किया है कि वह आने वाले समय में सभी साझीदार देशों के साथ मिलकर आपसी तालमेल को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है।

चीन संभालेगा अगली कमान, दिया आमंत्रण

बैठक के दौरान चीनी राजदूत ने घोषणा की कि अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता चीन करने जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने सभी सदस्य देशों को अगले वर्ष चीन आने का न्योता भी दिया। ब्रिक्स के भविष्य को लेकर चीन का दृष्टिकोण साझा करते हुए उन्होंने रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने, आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक का लाभ उठाने और सदस्य देशों के नागरिकों के बीच आपसी संबंधों को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया।

वैश्विक चुनौतियां और उत्तर प्रदेश हादसे पर शोक

बैठक में इस बात को स्वीकार किया गया कि मौजूदा दौर की वैश्विक चुनौतियां काफी पेचीदा हैं, जो दुनिया भर के आर्थिक और सतत विकास को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में विकासशील देशों का एकजुट होकर एक निष्पक्ष और संतुलित वैश्विक व्यवस्था के लिए काम करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, चीनी राजदूत ने उत्तर प्रदेश में आए भीषण तूफान और भारी बारिश के कारण हुए जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख जताया और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।