रायपुर। छत्तीसगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई के साथ ही समूचे राज्य में मौसम शुष्क हो गया है और लोगों को हल्की गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार यह राहत भरी स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी और पूर्व-मध्य हिस्से में निर्मित कम दबाव का क्षेत्र तेजी से सक्रिय हो रहा है। इसके चौबीस अक्टूबर तक अवदाब, पच्चीस अक्टूबर को गहन अवदाब तथा छब्बीस अक्टूबर तक भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की पूरी आशंका है। इस नए चक्रवाती तंत्र के प्रभाव से सत्ताइस अक्टूबर से प्रदेश में बारिश का सिलसिला फिर शुरू होगा, जबकि अट्ठाइस और उनतीस अक्टूबर को राज्य के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है।
प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान और वर्तमान स्थिति
विगत चौबीस घंटों के दौरान पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। इस अवधि में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायपुर में तैंतीस डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में तेरह दशमलव नौ डिग्री सेल्सियस रहा। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, दुर्ग और राजनांदगांव सहित अन्य प्रमुख जिलों में भी दिन का पारा बत्तीस से तैंतीस डिग्री के मध्य दर्ज किया गया। अगले दो दिनों तक प्रदेश भर में आसमान साफ रहने और खिली धूप निकलने के आसार जताए गए हैं।
आगामी दिनों में तापमान में गिरावट और मौसम का पूर्वानुमान
मौसम केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले तीन दिनों के दौरान रात के न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और देर रात के समय ठंडक का प्रभाव और अधिक बढ़ेगा। राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में चौबीस अक्टूबर को भी मौसम साफ रहने की संभावना है। फिलहाल किसी भी जिले के लिए बारिश की कोई तात्कालिक चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन महीने के अंतिम दिनों में चक्रवात के असर से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

More Stories
द्रौपदी मुर्मू की रंगोली बनी आकर्षण का केंद्र, 20,700 वर्ग फुट में रच दिया विश्व रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर में आकार ले रही 3147 करोड़ रुपये की भारतमाला परियोजना
शब्दबीज को मिला नया आयाम, 49 हजार बच्चों ने एक साथ सीखा ‘सतर्क’