ग्वालियर: सेना भर्ती प्रक्रिया में अब ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक अग्निवीर मिल सकें। इसके लिए दो साल पहले पहले लिखित परीक्षा कराने का प्रयोग किया गया था, ताकि इसमें पास होने वालों को ही शारीरिक दक्षता परखने का मौका मिल सके।
पहले शारीरिक दक्षता परखने के बाद लिखित परीक्षा में बैठने वालों को पास न होने पर बहुत दुख होता था। इस नियम के बाद इस बार दौड़ का समय 30 सेकंड बढ़ा दिया गया है। अब अभ्यर्थियों को 1600 मीटर दौड़ पूरी करने के लिए छह मिनट 15 सेकंड का समय मिलेगा, जो पहले पांच मिनट 45 सेकंड था। हालांकि, जैसे-जैसे दौड़ का समय पांच मिनट 30 सेकंड से ऊपर जाएगा, प्राप्त अंक कम होते जाएंगे।
थोड़े अधिक समय में पूरी करेंगे दौड़
पहले पांच मिनट 30 सेकंड से पांच मिनट 45 सेकंड के समय में 1600 मीटर दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को ही योग्य माना जाता था। इसके बाद छह मिनट या उससे थोड़ा अधिक समय में दौड़ पूरी करने वालों को भी बाहर नहीं किया जाएगा। पहले कई अच्छे शारीरिक फिटनेस और अच्छे बौद्धिक स्तर वाले युवा सिर्फ इसलिए बाहर हो जाते थे क्योंकि उन्होंने इस समय अवधि में दौड़ पूरी नहीं की थी। अब ऐसा नहीं होगा। अब 1600 मीटर की दौड़ 6.15 मिनट में पूरी करने वाले अभ्यर्थी भी बाहर नहीं होंगे। सिर्फ उनके अंक कम हो जाएंगे, जिन्हें वे अगले चरणों में बढ़ाकर चयनित हो सकेंगे।
चयन प्रतिशत बढ़ेगा
इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब चयन प्रतिशत बढ़ जाएगा। जब दौड़ में ज्यादा अभ्यर्थी चयनित होंगे तो अभ्यर्थी सिर्फ इसलिए बाहर नहीं होंगे क्योंकि उन्होंने 5.30 मिनट से 5.45 मिनट में दौड़ पूरी नहीं की। अब शारीरिक परीक्षा में खासकर दौड़ और पुल-अप में ग्रुप बनाए जाएंगे। इसमें उन्हें दौड़ पूरी करने के समय और पुल-अप की संख्या के आधार पर ग्रुप में बांटा जाएगा।
अच्छे अभ्यर्थी बाहर नहीं होंगे
सेना में चयन प्रतिशत बढ़ाने के लिए पहले लिखित परीक्षा होती थी। अब दौड़ का समय बढ़ाकर 30 सेकंड कर दिया गया है। इसमें अंक कम मिलेंगे, लेकिन अच्छे अभ्यर्थी सिर्फ इसलिए बाहर नहीं होंगे कि वे 5.45 मिनट में दौड़ पूरी नहीं कर पाए। – कर्नल पंकज कुमार, निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय, ग्वालियर

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