चंद्र दोष से होता है डिप्रेशन, तनाव और चिंता, ज्येष्ठ पूर्णिमा पर करें ये 5 उपाय, संकटों से मिलेगी मुक्ति

ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून को है. इस दिन चंद्रमा की पूजा करते हैं, जिससे मनोबल मजबूत होता है, मन एकाग्र, शांत होगा, जीवन में सुख और शांति आती है. लेकिन कुंडली में जब चंद्रमा का दोष होता है, उस पर भी राहु और केतु का अशुभ प्रभाव होता है, तो व्यक्ति डिप्रेशन, तनाव और चिंता से परेशान होता है. ऐसे में आप पूर्णिमा के दिन ज्योतिष उपायों को करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं.
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 मुहूर्त

ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा तिथि की शुरुआत: 29 जून, 3 बजकर 6 एएम पर
ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 30 जून, 5 बजकर 26 एएम पर
चंद्रोदय: शाम 07 बजकर 16 मिनट पर
चंद्रास्त: 30 जून, प्रात: 05:15 ए एम पर

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर चंद्र दोष के 5 उपाय

    चंद्रमा के दोष को दूर करने के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत रखें. इस दिन सोमवार है, जो चंद्रमा का दिन है. इसमें आप रात के समय चंद्रमा की पूजा करें और कच्चे दूध में सफेद फूल, अक्षत् डालकर अर्घ्य दें. वहीं दिन में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें. इससे जल्द लाभ होगा.
    ज्येष्ठ पूर्णिमा को सुबह में स्नान करें. उसके बाद चंद्रमा से जुड़ी वस्तुओं जैसे दूध, शक्कर, सफेद फूल, सफेद वस्त्र, खीर, चांदी, मोती, मिश्री आदि का दान करें. इससे भी कुंडली का चंद्र दोष दूर होता है.
    ज्योतिष में चंद्रमा का संबंध मां से होता है. यदि चंद्र दोष है तो आप अपनी मां की सेवा करें. उनकी आज्ञा और आशीर्वाद से काम करें. जरूरी मामलों में उनसे सुझाव लें. उनकी कृपा और प्रेम से आपका जीवन सुखमय होगा. आपका चंद्रमा मजबूत होगा, तो मा​नसिक समस्याएं भी दूर होंगी.
    पूर्णिमा और सोमवार के दिन पूजा के बाद चंद्रमा के मंत्र ॐ सोमाय नमः या फिर ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नम का जाप करें. इस मंत्र का जाप स्फटिक की माला से करें. स्फटिक की माला नहीं है तो रूद्राक्ष की माला का उपयोग कर सकते हैं. इस मंत्र जाप से भी चंद्र दोष मिटता है.
    चंद्र दोष को दूर करने के लिए शिव चालीसा, रुद्राष्टक या चंद्र स्तोत्र का पाठ करें. इसके अलावा शुभ मुहूर्त में चांदी की अंगूठी में मोती धारण किया जा सकता है