August 17, 2026

UGC-NET पेपर रद्द होने से छात्रों में चिंता, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट जून 2026 के तीन विषयों—इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी—की परीक्षाएं रद्द होने के बाद केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गलतियां NTA की तरफ से होती हैं, लेकिन उनका खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या यह पेपर पहले ही लीक हो चुका था। दूसरी ओर, NTA ने प्रश्नपत्रों में सामने आईं गंभीर त्रुटियों और पुराने सवालों के दोहराव के कारण इन तीनों विषयों का पुनरपरीक्षण 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित करने का आधिकारिक नोटिस जारी किया है।

'शिक्षा व्यवस्था नहीं, एक्सट्रैक्शन मशीन', राहुल गांधी का तीखा हमला

सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि 22 से 30 जून के बीच आयोजित हुईं परीक्षाएं दो महीने बाद गलत प्रश्नपत्र सेट करने और पुराने सवाल दोहराने की वजह से रद्द की गईं। उन्होंने कोटा, देहरादून और प्रयागराज के अपने वक्तव्यों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था एक 'एक्सट्रैक्शन मशीन' (शोषण का जरिया) में तब्दील हो चुकी है, जो छात्रों से उनका समय, पैसा, मानसिक शांति और आत्मविश्वास छीन लेती है और बदले में रोजगार भी सुनिश्चित नहीं करती।

जवाबदेही तय करने की मांग और छात्रों का बढ़ाया हौसला

राहुल गांधी ने संस्थागत जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि सरकार के अन्य तंत्रों की तरह NTA भी अपनी चूक स्वीकार करने से बचती रही है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस दिशा में पहला कदम था, अंतिम नहीं, और NTA के शीर्ष नेतृत्व की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। सितंबर में दोबारा परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें छात्रों का कोई दोष नहीं है, बल्कि समस्या उस प्रशासनिक ढांचे में है जो पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने में सक्षम नहीं है।

NTA का स्पष्टीकरण और 9-10 सितंबर को री-एग्जाम की घोषणा

NTA के आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, भाषाई अनुवाद और टाइपिंग से जुड़ी कई गंभीर खामियां पाई गईं। नई समय-सारणी के अनुसार:

  • 9 सितंबर (शिफ्ट 1): इंग्लिश विषय का पुनरपरीक्षण।

  • 9 सितंबर (शिफ्ट 2): कॉमर्स विषय का री-टेस्ट।

  • 10 सितंबर (शिफ्ट 1): सोशियोलॉजी विषय की परीक्षा।

NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित अभ्यर्थियों से पुनः कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा, कुल सीटों की संख्या में कोई कटौती नहीं होगी और शेष 84 विषयों के परीक्षा परिणाम अपने निर्धारित समय पर ही घोषित किए जाएंगे।