November 7, 2026

30 कर्मचारियों की नौकरी पर रिश्वत का खेल, ₹45 हजार लेते पकड़ा गया इंजीनियर

कटनी। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और घूसखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, ताजा मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी अधिकारी वेस्ट सेंट्रल रेलवे के न्यू कटनी जंक्शन पर वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (इलेक्ट्रिक-एम) के पद पर तैनात है, जिसकी पहचान अजयवीर सिंह के रूप में की गई है। आरोपी अभियंता पर आरोप है कि उसने एक निजी ठेकेदार के अधीन काम कर रहे 30 कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रखने और उन्हें हटाने के एवज में बकायदा 45 हजार रुपए की अवैध रिश्वत की मांग की थी।

सीबीआई की एंटी करप्शन विंग में दर्ज कराई गई थी शिकायत

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ठेकेदार शशांक कुशवाहा ने आरोपी अभियंता अजयवीर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की पुख्ता शिकायत सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में दर्ज कराई। अपनी शिकायत में ठेकेदार ने विस्तार से बताया कि आरोपी अधिकारी द्वारा प्रत्येक कर्मचारी के हिसाब से 1,500 रुपए की दर से कुल 30 कर्मचारियों को नौकरी पर बनाए रखने के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जिसके तहत कुल घूस की रकम 45 हजार रुपए तय की गई थी। ठेकेदार रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने तुरंत केंद्रीय जांच एजेंसी का दरवाजा खटखटाना उचित समझा।

गोपनीय सत्यापन और कटनी पुलिस लाइन परिसर में बिछाया गया जाल

ठेकेदार की तरफ से मिली शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सीबीआई ने फौरन एक गोपनीय टीम का गठन किया और आरोपों का तकनीकी व गोपनीय सत्यापन कराया। जब जांच के दौरान रेलवे अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने के तथ्य पूरी तरह सही पाए गए, तब सीबीआई ने आरोपी को दबोचने के लिए एक अचूक योजना तैयार की। इस सुनियोजित योजना के तहत कटनी पुलिस लाइन परिसर के भीतर स्वतंत्र गवाहों की पूरी मौजूदगी में एक मजबूत ट्रैप यानी जाल बिछाया गया, ताकि आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा जा सके।

योजना के तहत रिश्वत लेते दबोचा गया भ्रष्ट अधिकारी

तयशुदा रणनीति के अनुसार, शिकायतकर्ता ठेकेदार के पिता तेजराम कुशवाहा को 500-500 रुपए के कुल 90 नोट यानी पूरे 45 हजार रुपए की नकदी देकर आरोपी अजयवीर सिंह को देने के लिए भेजा गया। जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की यह रकम आरोपी अभियंता के हाथों में सौंपी, वैसे ही आसपास सादे लिबास में तैनात सीबीआई की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया और मौके से घूस के सारे पैसे भी बरामद कर लिए।

जबलपुर विशेष न्यायालय में पेशी और न्यायिक हिरासत

रिश्वतखोर अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई की टीम उसे अपने साथ फौरन जबलपुर लेकर रवाना हुई। जबलपुर पहुंचने पर आरोपी का सबसे पहले अनिवार्य चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल) कराया गया, जिसके पश्चात उसे भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी वरिष्ठ अनुभाग अभियंता अजयवीर सिंह को आगामी 12 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का सख्त आदेश दिया है। सीबीआई ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत औपचारिक आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी तफ्तीश जारी है।