गुजरात। पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के साथ-साथ गुजरात से भी भारतीय जनता पार्टी के लिए उत्साहजनक खबर आई है। गुजरात के आणंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी हर्षदभाई परमार ने एकतरफा जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के भृगुराजसिंह चौहान को भारी मतों के अंतर से पराजित किया।
हर्षदभाई परमार की शानदार जीत
सोमवार को हुई मतगणना के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अंतिम नतीजों के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार हर्षदभाई परमार ने 30,743 मतों के अंतर से जीत हासिल की है।
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बीजेपी: हर्षदभाई परमार को कुल 85,500 वोट मिले।
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कांग्रेस: दूसरे स्थान पर रहे भृगुराजसिंह चौहान को 54,757 वोट प्राप्त हुए।
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अन्य: चुनाव मैदान में उतरे तीन निर्दलीय और एक अन्य पार्टी के उम्मीदवार मुख्य मुकाबले से काफी बाहर रहे।
मतगणना और उपचुनाव की पृष्ठभूमि
वल्लभ विद्यानगर स्थित बीजेवीएम कॉलेज में कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती की गई।
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शुरुआती बढ़त: हर्षदभाई परमार ने पहले दौर से ही बढ़त बना ली थी, जो 18वें दौर तक लगातार मजबूत होती गई।
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कारण: यह सीट भाजपा विधायक गोविंदभाई परमार के आकस्मिक निधन (6 मार्च 2026) के बाद रिक्त हुई थी। पार्टी ने उनके बेटे हर्षद परमार पर भरोसा जताया और उन्होंने अपने पहले ही बड़े चुनाव में जीत दर्ज की।
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मतदान: इस सीट पर 23 अप्रैल को वोट डाले गए थे, जिसमें लगभग 59 प्रतिशत मतदान हुआ था।
2027 के महाकुंभ से पहले 'लिटमस टेस्ट'
उमरेठ की यह जीत गुजरात भाजपा के लिए केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत है:
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अजेय गढ़: यह इलाका लंबे समय से भाजपा का मजबूत आधार रहा है और इस नतीजे ने साबित किया है कि पार्टी की पकड़ यहाँ अब भी बरकरार है।
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राजनीतिक संदेश: हालिया स्थानीय निकाय चुनावों के बाद इस उपचुनाव में मिली सफलता दर्शाती है कि सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) का प्रभाव फिलहाल राज्य में नगण्य है।
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मिशन 2027: अगले साल होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले इसे भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण 'टेस्ट' माना जा रहा था, जिसमें पार्टी ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी मजबूती साबित की है।

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