पटना। बिहार में सम्राट चैधरी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार युवाओं को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार द्वारा पुलिस महकमे में 37 हजार 978 पदों पर बहाली और प्रोन्नति का निर्णय राज्य में रोजगार सृजन और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिससे न केवल युवाओं को अवसर मिलेंगे बल्कि विभागीय संरचना भी अधिक प्रभावी बनेगी। जद (यू) की प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने जारी बयान में कहा कि यह निर्णय नीतीश कुमार की उस दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य में युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने सात निश्चय-3 के तहत 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, यह पहल उसी दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक कदम है। पुलिस विभाग में इस बड़े पैमाने पर बहाली और प्रोन्नति से न केवल रिक्त पदों को भरा जाएगा, बल्कि थानों और जांच इकाइयों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल भर्ती करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करते हुए सेवा को बेहतर बनाना भी है। प्रोन्नति के माध्यम से निचले स्तर के पुलिसकर्मियों को अधिकारी बनने का अवसर मिलेगा, जिससे विभाग में मनोबल बढ़ेगा और अनुभव का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। यह निर्णय बिहार में नीतीश कुमार द्वारा स्थापित सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाने वाला है, जिसमें रोजगार सृजन, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता को समान रूप से महत्व दिया जा रहा है।

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