भोपाल: मध्य प्रदेश के बिजली विभाग में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्थानांतरण की प्रक्रिया को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत नियमित और संविदा, दोनों श्रेणियों के कर्मचारी 19 मई 2026 तक कंपनी के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने तबादले के लिए इच्छा जाहिर कर सकते हैं। मुख्य महाप्रबंधक राकेश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी कवायद डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी ताकि कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
ऑनलाइन आवेदन की अनिवार्य प्रक्रिया और समय सीमा
कंपनी ने साफ कर दिया है कि तबादले के इच्छुक उप महाप्रबंधक स्तर तक के सभी कार्मिकों को केवल ऑनलाइन मोड में ही अपने आवेदन दर्ज करने होंगे। पोर्टल पर 'एम्प्लॉई ट्रांसफर मॉड्यूल' के नाम से एक विशेष लिंक सक्रिय की गई है जहाँ कर्मचारी अपनी प्राथमिकताएं बता सकते हैं। 5 मई से शुरू हुई यह प्रक्रिया 19 मई तक चलेगी और खास बात यह है कि एक कर्मचारी को केवल एक बार ही आवेदन सबमिट करने का अवसर प्राप्त होगा। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी स्थिति में कागजी या ऑफलाइन आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए आवेदकों को तकनीकी रूप से सावधानी बरतनी होगी।
पात्रता के कड़े नियम और स्थानांतरण की शर्तें
तबादला नीति में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कंपनी ने कुछ विशेष मापदंड भी निर्धारित किए हैं। ऐसे अधिकारी या कर्मचारी जिनकी वर्तमान पदस्थापना को अभी एक वर्ष का समय भी पूरा नहीं हुआ है, वे इस प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र नहीं माने जाएंगे। इसके अतिरिक्त, जो कर्मचारी अपनी पसंद की जगह पर जाना चाहते हैं, उन्हें यह स्थानांतरण 'स्वयं के व्यय' की शर्त पर मिलेगा, जिसका अर्थ है कि कंपनी इसके लिए कोई भत्ता प्रदान नहीं करेगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में बिना बाधा डाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करना है।
मानवीय आधार और प्राथमिकता वाले विशेष कारण
बिजली कंपनी ने उन कर्मचारियों का विशेष ध्यान रखा है जो गंभीर पारिवारिक परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। स्वयं या परिवार के किसी सदस्य की गंभीर बीमारी, वैवाहिक आधार पर पति-पत्नी का अलग-अलग जिलों में शासकीय सेवा में होना या आपसी सहमति से होने वाले तबादलों को इस नीति में प्राथमिकता दी गई है। इन विशेष कारणों से आवेदन करने वाले कर्मचारियों को पोर्टल पर उचित दस्तावेज संलग्न करने होंगे ताकि उनके मामलों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिया जा सके। यह नई व्यवस्था न केवल कार्यप्रणाली को सुगम बनाएगी बल्कि कर्मचारियों के मनोबल को भी ऊंचा करेगी।

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