November 7, 2026

स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए भोपाल को करनी होगी मशक्कत

भोपाल। स्वच्छता के मामले में मध्य प्रदेश की पहचान लंबे समय से इंदौर के नाम से जुड़ी रही है। लगातार आठ बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बनने के बाद इंदौर अब नौवीं बार यह प्रतिष्ठित खिताब हासिल करने की तैयारी में है। हालांकि, 11 नवंबर को घोषित होने वाले 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26' के नतीजे न केवल इंदौर की बादशाहत का फैसला करेंगे, बल्कि प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों के प्रदर्शन की भी स्थिति स्पष्ट करेंगे। विशेष रूप से राजधानी भोपाल के लिए यह परिणाम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहाँ स्वच्छता के दावों और धरातलीय व्यवस्थाओं के बीच का अंतर निरंतर चर्चा का विषय रहता है। इस वर्ष देश के 4,909 शहरों के मध्य स्वच्छता की कड़ी प्रतिस्पर्धा दर्ज की गई है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की 'सुपर लीग' में इंदौर का मुकाबला सूरत, नवी मुंबई और विजयवाड़ा जैसे प्रमुख नगरों से है। इसके अतिरिक्त, इंदौर 'स्वच्छ शहर जोड़ी' श्रेणी में भी सम्मिलित है, जहाँ उसे अपने साथ देपालपुर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयासों को प्रदर्शित करना है।

भोपाल के लिए यह नतीजे इसलिए भी मायने रखते हैं क्योंकि राज्य की राजधानी होने के बावजूद यह इंदौर के स्तर की स्वच्छता रैंकिंग हासिल करने में सफल नहीं हो सकी है। शहर में घर-घर कचरा संग्रहण, परिवहन, सार्वजनिक स्थलों की सफाई तथा कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर चुनौतियाँ बनी हुई हैं। नगर निगम द्वारा स्वच्छता अभियानों और संसाधनों पर भारी बजट व्यय करने के बाद भी नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना एक बड़ी परीक्षा है। इस बार सर्वेक्षण का मूल्यांकन कुल 12,500 अंकों के आधार पर किया गया है। ऐसे में मात्र प्रचार-प्रसार या प्रमुख मार्गों की सफाई के बल पर बेहतर रैंकिंग पाना संभव नहीं है, बल्कि संपूर्ण स्वच्छता प्रबंधन और नागरिक सहभागिता ही निर्णायक सिद्ध होगी।

इंदौर का मॉडल भोपाल के लिए सबक

इंदौर ने लगातार आठ वर्षों तक शीर्ष पर रहकर स्वच्छता को जन-सामान्य की आदत में ढालने की अनूठी मिसाल पेश की है। अब उसे देपालपुर की स्वच्छता व्यवस्था को भी बेहतर बनाने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। 'स्वच्छ शहर जोड़ी' श्रेणी के अंतर्गत देश भर के 72 शहर मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं। इंदौर के समक्ष यह सिद्ध करने की चुनौती है कि उसका स्वच्छता मॉडल अन्य नगरों में भी सफलता से लागू किया जा सकता है। भोपाल के लिए भी यह एक सबक है कि स्वच्छता को केवल सामयिक अभियानों तक सीमित रखने के बजाय इसे नियमित नागरिक व्यवहार और कड़े पर्यवेक्षण से जोड़ा जाए।

11 नवंबर को घोषित होंगे स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणाम

स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में 11 नवंबर को प्रातः 11 बजे किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समारोह की अध्यक्षता करेंगी, जबकि केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा राज्यमंत्री तोखन साहू विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। पिछले सर्वेक्षण में 99.75 अंक प्राप्त करने वाला इंदौर इस बार शत-प्रतिशत अंक हासिल करने के लक्ष्य पर केंद्रित है। वहीं, भोपाल सहित प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों के लिए यह परिणाम उनके स्वच्छता दावों का वास्तविक रिपोर्ट कार्ड साबित होगा।