भोपाल। रोशनी के त्योहार दिवाली से ठीक पहले मध्य प्रदेश की राजधानी में कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में कार्बाइड से चलने वाले खतरनाक उपकरणों के निर्माण, भंडारण, क्रय-विक्रय तथा उपयोग पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगाने का प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया है। प्रशासन का यह सख्त फैसला त्यौहारों के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं से आम जनता, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
विस्फोटक उपकरणों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम
पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है कि ज्वलनशील और विस्फोटक पदार्थों का मिश्रण भरकर बनाई जाने वाली ये कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप तथा कार्बाइड लैंप अत्यंत घातक साबित हो रहे हैं। विगत वर्षों में दीपावली के अवसर पर देश व प्रदेश के कई हिस्सों से इन अनधिकृत गनों के फटने और उनसे बच्चों के गंभीर रूप से झुलसने व घायल होने की अनेक घटनाएं दर्ज की गई थीं। इन्हीं पिछली अप्रिय घटनाओं से सीख लेते हुए इस वर्ष त्यौहार से पूर्व ही प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत जारी हुआ प्रतिबंधात्मक आदेश
यह महत्वपूर्ण प्रतिबंधात्मक आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत लागू किया गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार यह निषेधाज्ञा 26 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो चुकी है और आगामी दो माह की अवधि तक संपूर्ण भोपाल पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में निरंतर लागू रहेगी। त्यौहार के मौसम में किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थान पर इन उपकरणों का प्रयोग या निर्माण पूरी तरह गैरकानूनी माना जाएगा।
आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता के तहत होगी दंडात्मक कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति या व्यापारी कार्बाइड गन का निर्माण करते, उसकी मरम्मत करते, बिक्री में लिप्त पाए जाने पर या उसका उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ा कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। नियम तोड़ने वाले आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक प्रकरण दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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