ज्योतिष शास्त्र में नवरत्नों का वर्णन किया गया है. हर एक रत्न का प्रभाव हर किसी के लिए अलग-अलग होता है. रत्नों को धारण करने से कुंडली में ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है. रत्नों को अगर राशियों के अनुसार पहना जाए तो सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं. आज हम आपक पुखराज रत्न के बारे में बताने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में पुखराज का संबंध गुरु ग्रह से होता है. आइए जानते हैं पुखराज किसको पहनना चाहिए, इससे किसको क्या फायदे होते हैं. आइए जानते हैं.
पुखराज पहनने के फायदे
1. पुखराज पहनने वाले व्यक्ति शिक्षा के क्षेत्र में खूब तरक्की करता है और उसका दिमाग-बुद्धि भी तेज होती है.
2. पुखराज पहनने से धन, संतान, सुख-शांति, समृद्धि की प्राप्ति होती है.
3. जिन लोगों की शादी नहीं हो रही है उनके लिए पुखराज पहनना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.
किस राशि के जातकों के लिए होता है शुभ
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष, वृषभ, सिंह, धनु और मीन राशि के लोगों को पुखराज पहनना शुभ माना जाता है. इन लोगों के जीवन में उन्नति रहती है और सुख-शांति बनी रहती है.
ये लोग न पहनें पुखराज
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वाले लोगों को पुखराज रत्न धारण करने से बचना चाहिए. इन लोगों को शुभ परिणाम नहीं मिलते हैं. साथ ही जिन लोगों की कुंडली में गुरु नीच स्थिति में हो उनको भी पुखराज नहीं पहनना चाहिए.
पुखराज रत्न धारण करने के नियम
– कभी भी पुखराज धारण करने से पहले कुंडली में गुरु की स्थिति और रत्ति का ध्यान देना बेहद जरूरी होता है.
– हाथ की तर्जनी अंगुली में पुखराज धारण करना सबसे शुभ माना जाता है.
– पुखराज पहनने के लिए सबसे शुभ दिन गुरुवार और द्वितीया, एकादशी और द्वादशी तिथि मानी जाती है.
– पुखराज को हमेशा सोने की अंगूठी में ही धारण करना शुभ माना जाता है तभी इसके शुभ परिणाम मिलते हैं.
– रत्न धारण करने के बाद ॐ बृं बृहस्पतये नम: मंत्र का जरूर जाप करें.

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