पटना। बिहार की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), बिहार द्वारा शनिवार को पटना उच्च न्यायालय परिसर में एक उच्च स्तरीय लाइव डिमॉन्सट्रेशन एवं मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास के माध्यम से सुरक्षा बलों ने वास्तविक परिस्थितियों में अपनी तत्परता, सटीकता और समन्वित कार्रवाई का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के दौरान आतंकवादी हमले जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार कर उससे निपटने की रणनीति को प्रदर्शित किया गया। सुरक्षा बलों ने तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित किया, जिससे उनकी पेशेवर क्षमता और तैयारी का स्पष्ट संकेत मिला। इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय, संगम कुमार साहू, न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद, बिहार के महाधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही, अपर पुलिस महानिदेशक (एटीएस) पंकज कुमार दाराद सहित कई न्यायमूर्तिगण और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि देश में सुरक्षा और संरक्षा की भावना उत्पन्न करना हम सभी का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल, भले ही प्रतीकात्मक हो, लेकिन यह सुरक्षा बलों की तत्परता को दर्शाती है और आम जनता में विश्वास एवं सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है। यह मॉक ड्रिल न केवल सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण बनी, बल्कि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को भी और मजबूत करने में सहायक साबित होगी।

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