September 30, 2026

एशियन गेम्स 2026: भारत का सेमीफाइनल मुकाबला श्रीलंका से, फाइनल के लिए होगी जंग

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में शानदार तरीके से प्रवेश कर लिया है। जानकारी के अनुसार, भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाने वाला क्वार्टर फाइनल मुकाबला भारी बारिश के कारण रद्द (धुल) गया था। प्रतियोगिता के नियमों और बेहतर टी20 रैंकिंग के आधार पर टीम इंडिया सीधे सेमीफाइनल में पहुँचने में सफल रही है। अब भारतीय टीम आगामी एक अक्टूबर को अपना दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला खेलने मैदान पर उतरेगी, जहाँ उसका मुकाबला श्रीलंका की टीम से होगा।

पिछली बार बांग्लादेश को हराकर तय किया था फाइनल का सफर

गौरतलब है कि क्रिकेट खेल को एशियन गेम्स के इतिहास में चौथी बार शामिल किया गया है, हालाँकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अब तक केवल दूसरी बार ही इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में अपनी आधिकारिक भारतीय टीम भेजी है। इससे पूर्व एशियन गेम्स 2023 में भारतीय टीम ने पहली बार इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। उस दौरान सेमीफाइनल मुकाबले में टीम इंडिया का सामना बांग्लादेश की टीम से हुआ था। ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में खेलते हुए भारतीय टीम ने बेहद शानदार प्रदर्शन का परिचय दिया था और पहले सेमीफाइनल मैच में बांग्लादेश को 9 विकेट के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी थी।

गेंदबाजों का उत्कृष्ट प्रदर्शन और बांग्लादेश की पारी

उस मुकाबले में टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे संघर्ष करती नजर आई और निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर मात्र 96 रन ही स्कोरबोर्ड पर जोड़ सकी थी। भारतीय गेंदबाजी क्रम की बात करें तो स्पिनर साई किशोर ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए अपने कोटे के 4 ओवरों में महज 12 रन खर्च करके 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके थे, जबकि ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए 15 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए थे। बांग्लादेश द्वारा दिए गए 97 रनों के मामूली लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने महज 9.2 ओवरों में ही मात्र 1 विकेट के नुकसान पर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया था।

स्वर्ण पदक बचाने की चुनौती और पिछली जीत की यादें

भारतीय पारी के दौरान बल्लेबाज तिलक वर्मा ने अपनी धमाकेदार बैटिंग का मुज़ाहिरा करते हुए मात्र 26 गेंदों में 55 रनों की नाबाद और आक्रामक अर्धशतकीय पारी खेली थी। उनका साथ देते हुए कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ भी 26 गेंदों में 40 रन बनाकर नाबाद पव लौटे थे। तिलक और ऋतुराज के बीच दूसरे विकेट के लिए मात्र 52 गेंदों में 97 रनों की ऐतिहासिक और अटूट साझेदारी हुई थी, जिसने भारतीय टीम को बेहद आसानी से फाइनल का टिकट दिला दिया था।

इसके बाद पिछले संस्करण के फाइनल में भारत की भिड़ंत अफगानिस्तान के साथ हुई थी, जहाँ मैच के दौरान बारिश का खलल पड़ने के कारण खेल पूरा नहीं हो सका था और बेहतर रैंकिंग के नियम के तहत टीम इंडिया स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम करने में सफल रही थी। इस बार भी भारतीय टीम अपने उसी विजयी अभियान और स्वर्ण पदक को बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।