आशुतोष तिवारी ने दाखिल किया नामांकन, CM मोहन यादव और नरोत्तम मिश्रा ने दिखाई ताकत

दतिया: मध्य प्रदेश की सियासत में आज का दिन बेहद सरगर्मियों भरा रहा। सूबे की बेहद चर्चित और वीआईपी मानी जाने वाली दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव या मुख्य मुकाबले के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आधिकारिक उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने सोमवार, 13 जुलाई 2026 को पूरे दलबल के साथ अपना आधिकारिक नामांकन पत्र (पर्चा) दाखिल कर दिया है।

इस नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा ने दतिया की सड़कों पर एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। आशुतोष तिवारी के पर्चा दाखिले के दौरान खुद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और सूबे के कद्दावर नेता व पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। इन दिग्गजों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि भाजपा इस सीट को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक चुकी है। निर्वाचन अधिकारी के कक्ष में जाने और नामांकन दाखिल करने से ठीक पहले, प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और वरिष्ठ नेताओं के साथ सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक पीतांबरा पीठ मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। यहाँ उन्होंने राजसत्ता की देवी मां बगलामुखी का विधि-विधान से आशीर्वाद लिया और अपनी जीत के लिए प्रार्थना की।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा दावा- "रिकॉर्ड मतों से खिलेगा दतिया में कमल"

आशुतोष तिवारी के नामांकन के बाद मीडिया कर्मियों से मुखातिब होते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बेहद आत्मविश्वास से भरे नजर आए। उन्होंने चुनावी समीकरणों और पार्टी की तैयारियों को लेकर प्रेस के सामने बड़ा दावा किया:

  • प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दतिया की जनता का मिजाज साफ है और इस बार भी यहाँ भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज करने जा रही है। विपक्षी दलों के पास हमारे विकास कार्यों का कोई तोड़ नहीं है।

  • उन्होंने विकास के एजेंडे को आगे रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जो जनहितैषी काम हो रहे हैं, और दतिया के हमारे सबसे वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने इस क्षेत्र की सूरत बदलने के लिए जो ऐतिहासिक विकास कार्य किए हैं, हम उन्हीं विकास कार्यों के बलबूते जनता की अदालत में जा रहे हैं।

  • नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर बोलते हुए खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि नरोत्तम जी कल भी हमारे मार्गदर्शक और मजबूत स्तंभ थे, आज भी हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और आगे भी क्षेत्र के विकास का नेतृत्व करते रहेंगे। पूरी पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ रही है।

आरएसएस की पृष्ठभूमि से लेकर प्रकोष्ठ प्रमुख तक; जानिए कौन हैं आशुतोष तिवारी?

भारतीय जनता पार्टी द्वारा दतिया के चुनावी रण में उतारे गए आशुतोष तिवारी की गिनती क्षेत्र के बेहद सुलझे हुए और जमीनी नेताओं में होती है। उनके बारे में कुछ बेहद खास बातें इस प्रकार हैं जो उन्हें आम जनता के बीच लोकप्रिय बनाती हैं:

  • जमीनी और बेदाग छवि: आशुतोष तिवारी मुख्य रूप से दतिया जिले के ही मूल निवासी हैं। स्थानीय जनता के बीच उनकी पहचान एक बेहद साफ-सुथरी छवि वाले, मिलनसार और हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले जमीन से जुड़े कार्यकर्ता के रूप में है।

  • संघ से पुराना नाता: तिवारी का वैचारिक आधार बेहद मजबूत है। वे अपने छात्र जीवन के दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं और संघ के कड़े अनुशासन में तपकर राजनीति में आगे बढ़े हैं।

  • संगठन का लंबा अनुभव: भारतीय जनता पार्टी के संगठन में उन्होंने निचले स्तर से शुरुआत करके कई महत्वपूर्ण सांगठनिक पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं और अपनी नेतृत्व क्षमता को साबित किया है।

  • प्रशासनिक अनुभव: सांगठनिक कार्यों के अलावा उन्हें प्रशासनिक कार्यों का भी लंबा तजुर्बा है। वे साल 2020 से लेकर साल 2023 तक मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड (एमपी गृह निर्माण मंडल) के अध्यक्ष जैसे बड़े पद की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं।

  • वर्तमान जिम्मेदारी: वर्तमान समय में वे भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रकोष्ठ प्रमुख के रूप में संगठन को मजबूत करने का कार्य देख रहे हैं।

एक लंबे समय तक जनता के बीच संघर्ष करने वाले और जमीनी पकड़ रखने वाले जुझारू नेता होने के कारण ही आशुतोष तिवारी भाजपा संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेतृत्व की पहली और सबसे भरोसेमंद पसंद बनकर उभरे हैं। अब देखना होगा कि दतिया की जनता उनके इस समर्पण पर अपनी जीत की मुहर कब लगाती है।