जयपुर: आषाढ़ के समाप्त होने के साथ ही आज से सावन मास का शुभारंभ हो गया है। प्रदेश में इस वर्ष 2 जुलाई को मानसून ने प्रवेश किया था। इसके बाद से अब तक राज्य में कुल 186.74 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत बारिश का स्तर 202.51 मिलीमीटर है। इस प्रकार, राजस्थान में मानसून का पहला पखवाड़ा कुछ हद तक निराशाजनक रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी से उठे डिप्रेशन के प्रभाव से आगामी 5 दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।
मौसम विभाग की चेतावनी और पूर्वी राजस्थान में तेज बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार से राज्य में बारिश की गतिविधियों में और अधिक तेजी आएगी। पूर्वी राजस्थान के अनेक जिलों में अगले पांच से छह दिनों तक मध्यम से लेकर भारी और कुछ चुनिंदा स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। जल संसाधन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में अब तक सबसे अधिक बारिश माउंट आबू में 657 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जबकि एक ही दिन में सबसे ज्यादा वर्षा सलूंबर के लसाड़िया क्षेत्र में 225 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई है।
11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, डिप्रेशन के असर से बढ़ेगी वर्षा
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त के पहले सप्ताह तक मानसून पूरे राज्य में पूरी तरह सक्रिय रहेगा। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक के अनुसार, पूर्वी भारत के ऊपर बना डीप डिप्रेशन अब कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल चुका है और वर्तमान में यह उत्तरी ओडिशा, दक्षिणी झारखंड तथा छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित है। इसके पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने के कारण राजस्थान में वर्षा का यह दौर और अधिक तीव्र होगा।
बीते 24 घंटों में विभिन्न जिलों में वर्षा और आगामी दिनों का पूर्वानुमान
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक वर्षा प्रतापगढ़ में 40 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई, जबकि दौसा के बांदीकुई में 36 मिलीमीटर, बैजूपाड़ा में 23 मिलीमीटर, अलवर के टहला में 20 मिलीमीटर और मालाखेड़ा में 15 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा बारां, भीलवाड़ा, भरतपुर, धौलपुर, झालावाड़, कोटा, टोंक और सवाई माधोपुर में भी हल्की से मध्यम बौछारें पड़ीं। राजधानी जयपुर में भी बुधवार को दोपहर के समय लगभग 40 मिनट तक तेज बारिश हुई, जिससे सांगानेर एयरपोर्ट पर 25 मिलीमीटर, जेएलएन मार्ग पर 22 मिलीमीटर और आमेर में 30 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। आगामी दिनों में जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में मानसून सबसे अधिक प्रभावी रहेगा। इसके विपरीत, पश्चिमी राजस्थान में बारिश का असर कम रहने के कारण गर्मी और उमस का दौर बना हुआ है, जहां बुधवार को श्रीगंगानगर 40.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म शहर रहा।

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