August 15, 2026

सिर्फ Minimum Due भरकर निश्चिंत हैं? Credit Card का ये खेल पड़ सकता है भारी

अगर आप क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल भरने के बजाय हर महीने सिर्फ 'मिनिमम अमाउंट ड्यू' (Minimum Amount Due) ही भरते हैं, तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। समय पर मिनिमम ड्यू भरने से आपका भुगतान तुरंत डिफॉल्ट नहीं माना जाता, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आपका कर्ज खत्म हो गया है। बाकी बची हुई रकम पर भारी-भरकम ब्याज लगता है और धीरे-धीरे यह छोटा बकाया एक बड़ी मुसीबत में बदल जाता है।

Minimum Due आखिर होता क्या है?

मिनिमम अमाउंट ड्यू आमतौर पर कुल बकाया बिल का 5 से 10 फीसदी हिस्सा होता है। इसकी सुविधा इसलिए दी जाती है कि यदि कोई ग्राहक किसी महीने पूरा बिल चुकाने में असमर्थ है, तो कम से कम इतनी रकम जमा करके अपने खाते को डिफॉल्ट होने से बचा सके।

ट्रांसयूनियन सिबिल (TransUnion CIBIL) के एमडी और सीईओ भावेश जैन का कहना है कि मिनिमम पेमेंट करने का मतलब यह होता है कि उस बिलिंग साइकिल के लिए अकाउंट को मिस्ड पेमेंट के रूप में दर्ज नहीं किया जाता, लेकिन कार्ड पर कर्ज की राशि बनी रहती है।

1 लाख रुपये के बिल से समझें गणित और नुकसान

इस प्रक्रिया को एक उदाहरण से समझें:

  • मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड का कुल बिल 1 लाख रुपये है और आप सिर्फ 10,000 रुपये का भुगतान करते हैं।

  • ऐसे में बाकी बचे 90,000 रुपये पर भारी ब्याज लगना शुरू हो जाता है।

  • डेट रिलीफ प्लेटफॉर्म 'फ्रीड' के संस्थापक और सीईओ रितेश श्रीवास्तव के अनुसार, बकाया रकम पर ब्याज पिछली तारीख (यानी ट्रांजैक्शन की तारीख) से ही लागू हो जाता है।

  • इसका एक और बड़ा नुकसान यह होता है कि क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाला 45 दिनों का 'इंटरेस्ट-फ्रेश पीरियड' (ब्याज-मुक्त अवधि) खत्म हो जाता है और नए खर्चों पर भी तुरंत ब्याज जुड़ने लगता है।

  • आमतौर पर क्रेडिट कार्ड्स पर सालाना ब्याज दर 20% से 32% तक हो सकती है।

क्रेडिट स्कोर को लेकर भ्रम में न रहें

एक भ्रम यह भी रहता है कि मिनिमम ड्यू भरने से सिबिल स्कोर खराब नहीं होता। शुरुआती तौर पर इससे क्रेडिट स्कोर पर तुरंत नकारात्मक असर नहीं दिखता, क्योंकि उस बिलिंग साइकिल में पेमेंट को मिस नहीं माना जाता।

लेकिन, यदि लंबे समय तक बड़ा बकाया बना रहता है, तो आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (Credit Utilization Ratio) काफी बढ़ जाता है, जिसका समय के साथ आपके CIBIL स्कोर पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

पेमेंट ऐप्स पर जानकारी का अभाव

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में मिनिमम ड्यू भरने से होने वाले नुकसान की चेतावनी देना अनिवार्य है।

लेकिन आज के समय में अधिकांश लोग पीडीएफ स्टेटमेंट पढ़ने के बजाय मोबाइल बैंकिंग और थर्ड-पार्टी पेमेंट ऐप्स के जरिए सीधे बिल चुकाते हैं। इन ऐप्स की भुगतान स्क्रीन पर 'Minimum Due' और 'Total Due' दोनों विकल्प तो दिखते हैं, लेकिन यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया जाता कि मिनिमम ड्यू चुनने पर आपको कितना भारी ब्याज चुकाना पड़ सकता है। वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह यही है कि हमेशा क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल समय पर चुकाएं ताकि कर्ज के जाल से बचा जा सके।