इंग्लैंड की मेजबानी में खेले गए रोमांचक महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के तीसरे और अंतिम निर्णायक मुकाबले में मेजबान टीम ने शानदार वापसी करते हुए भारतीय महिला क्रिकेट टीम को छह विकेट से शिकस्त दे दी। इस धमाकेदार जीत के साथ ही इंग्लिश टीम ने तीन मैचों की यह टी-20 सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली है। भारत द्वारा दिए गए 181 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही थी, लेकिन मध्यक्रम की सूझबूझ और आक्रामक बल्लेबाजी ने मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया।
शुरुआती झटकों के बाद कैप्सी और नाइट की रिकॉर्ड साझेदारी
लक्षित स्कोर का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने शुरुआती तीन ओवरों के भीतर ही अपने दो बड़े विकेट डैनी वायट-हॉज और सोफिया डंकली के रूप में गंवा दिए थे। इसके बाद पावरप्ले के आखिरी ओवर में एमी जोन्स भी पवेलियन लौट गईं, जिससे मेजबान टीम 53 रनों पर 3 विकेट खोकर गहरे संकट में दिखाई दे रही थी।
इस नाजुक मोड़ पर युवा सनसनी एलिस कैप्सी और अनुभवी कप्तान हीदर नाइट ने मोर्चा संभाला। दोनों ने भारतीय स्पिन और तेज गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक करते हुए दबाव को पूरी तरह हटा दिया। कैप्सी और नाइट ने चौथे विकेट के लिए महज कुछ ही ओवरों में 137 रनों की मैच जिताऊ और अटूट साझेदारी कर डाली, जिसने भारतीय खेमे को बैकफुट पर धकेल दिया।
कैप्सी का कड़ा प्रहार, कप्तान नाइट ने खेली कप्तानी पारी
मैच की स्टार रहीं एलिस कैप्सी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के चारों तरफ शॉट खेले। उन्होंने केवल 43 गेंदों का सामना करते हुए 82 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें उन्होंने महज 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था।
दूसरी छोर पर कप्तान हीदर नाइट ने भी अपनी क्लास दिखाते हुए 42 गेंदों में नाबाद 70 रनों की बेजोड़ पारी खेली। जब कैप्सी आउट होकर पवेलियन लौटीं, तब तक इंग्लैंड जीत की दहलीज पर खड़ा था। आखिरकार नाइट ने 19वें ओवर में शानदार चौका जड़कर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी।
हरमनप्रीत कौर की फिफ्टी बेकार, आखिरी ओवरों में सुस्त पड़ी भारतीय पारी
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही थी। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा केवल 11 रन बनाकर आउट हो गईं, जबकि उपकप्तान स्मृति मंधाना को चार्ली डीन ने एलबीडब्ल्यू (LBW) कर सस्ते में चलता किया। इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने मोर्चा संभाला और पावरप्ले में सात करारे चौके जड़कर रन गति को तेज किया, लेकिन वे भी दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से 32 रन बनाकर रन आउट हो गईं।
मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को आगे बढ़ाया। जेमिमा अच्छी लय में दिख रही थीं, लेकिन वे लॉरेन बेल की एक धीमी गति की गेंद को पढ़ने में चूक गईं और बोल्ड हो गईं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक छोर मजबूती से संभाले रखा और नाबाद 56 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली।
कमजोरी: भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट आखिरी के डेथ ओवर्स रहे। टीम इंडिया अंतिम 5 ओवरों में केवल 48 रन ही जोड़ सकी, जिसके कारण स्कोर 200 के पार नहीं पहुंच पाया। भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 180 रनों का स्कोर खड़ा किया था।
टी-20 विश्व कप से ठीक पहले भारत को लगा बड़ा झटका
आगामी 12 जून 2026 से शुरू होने जा रहे आईसीसी (ICC) महिला टी-20 विश्व कप से ठीक पहले खेली गई यह द्विपक्षीय सीरीज दोनों ही टीमों के लिए अपनी तैयारियों को परखने का एक बेहतरीन जरिया थी। भारतीय टीम ने पूरी श्रृंखला में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन इस निर्णायक महामुकाबले में इंग्लैंड ने दबाव के क्षणों को बेहतर ढंग से संभाला। इस हार के बाद लंदन और नई दिल्ली के क्रिकेट समीक्षक भारतीय टीम को अपनी डेथ ओवरों की बल्लेबाजी और गेंदबाजी में सुधार करने की सलाह दे रहे हैं।

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