अंबिकापुर| छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायतों के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुँचने के बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई है। इन विवादों के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के अंदरूनी चुनावों में धांधली और फर्जी आईडी के जरिए वोट डलवाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस द्वारा लगाए जाने वाले वोट चोरी के तमाम आरोपों पर पलटवार किया है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस पर कसा तंज
अंबिकापुर में एक विशेष बातचीत के दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जो कांग्रेस पार्टी अक्सर दूसरे राजनीतिक दलों पर वोट चोरी करने का आरोप लगाती है, आज उसके अपने ही आंतरिक संगठन के चुनाव में भारी गड़बड़ी और अनियमितता के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की नैया में आज इतने छेद हो चुके हैं कि पार्टी जैसे ही एक छेद को बंद करने की कोशिश करती है, वैसे ही दूसरा छेद खुल जाता है। नेताम ने कहा कि यूथ कांग्रेस के निर्वाचन में फर्जी आईडी के माध्यम से वोट डलवाने की शिकायतें सामने आना एक बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पार्टी को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने घर की व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए।
धान खरीदी, खेती-किसानी और फसलों की मॉनिटरिंग पर बोले मंत्री
राजनीतिक बयानबाजी के अलावा कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने छत्तीसगढ़ में धान की खेती और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर होने वाली धान खरीदी को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों से धान की सुचारू खरीदी के लिए पूरी तरह से तैयार है और अन्नदाताओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने अपनी व्यक्तिगत रुचि का जिक्र करते हुए अपनी फसलों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बावजूद वे अपने खेतों की फसलों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करते हैं और खेती-किसानी से जुड़े हर काम पर खुद पैनी नजर रखते हैं।
खेत की मिट्टी, सिंचाई और तीन एकड़ में कुर्ती की फसल की जानकारी
कृषि मंत्री ने बताया कि वे अपने खेतों का इस हद तक खास ख्याल रखते हैं कि उन्हें यह भली-भांति पता होता है कि खेत के किस हिस्से की मिट्टी उपजाऊ है और किस हिस्से में पानी पर्याप्त मात्रा में पहुंचता है या नहीं पहुंच पाता है। उन्होंने साझा किया कि हाल ही में उनके खेत में पानी की थोड़ी सी कमी हो गई थी, जिसे उन्होंने पास के तालाब के माध्यम से सिंचाई करके पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने करीब तीन एकड़ के रकबे में कुर्ती (कुरथी) की फसल की बुवाई की है।

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