DMCH में महिला मरीज से अभद्रता का आरोप, विरोध के बाद कर्मचारी पर गिरी गाज

दरभंगा। उत्तर बिहार के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र, दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (डीएमसीएच) से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में स्थित बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में उपचाराधीन एक महिला मरीज के साथ इलाज के दौरान कथित तौर पर अश्लील हरकत की गई। इस घिनौनी करतूत का आरोप वार्ड में कार्यरत एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी पर लगा है। मामले के तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है, जिससे अस्पताल परिसर के साथ-साथ प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है।

ड्रेसिंग के दौरान युवती से अश्लील हरकत

पीड़ित युवती मंगलवार दोपहर को प्लास्टिक एंड बर्न विभाग में अपना इलाज कराने पहुंची थी, जहां तैनात एक आउटसोर्सिंग कर्मी को उसके जले हुए अंगों की ड्रेसिंग और यूरिन पाइप निकालने का काम सौंपा गया था। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान आरोपी ने मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए पीड़िता के साथ अश्लील हरकत की। इस पर युवती ने तुरंत कड़ा विरोध जताते हुए वार्ड में ही शोर मचाना शुरू कर दिया और बिना वक्त गंवाए अपने परिजनों को फोन कर इस अवांछनीय घटना की पूरी जानकारी दी।

परिजनों का हंगामा और त्वरित बर्खास्तगी

बेटी के साथ हुई इस बदसलूकी की खबर मिलते ही परिजन भारी संख्या में अस्पताल पहुंचे और उन्होंने वार्ड के बाहर आरोपी कर्मी के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने तुरंत खुद मौके पर पहुंचकर आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पीड़ित पक्ष की लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षक ने मौके पर ही आरोपी आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सेवाएं तत्काल समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, इस पूरे हंगामे के दो दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी भी पक्ष की ओर से स्थानीय थाने में कोई औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

अस्पताल में महिला सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल

इस बेहद संवेदनशील घटना ने अस्पताल प्रबंधन और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। चिकित्सा नियमों के अनुसार, महिला मरीजों के यूरिन पाइप लगाने या निकालने जैसे अत्यंत व्यक्तिगत और संवेदनशील कार्य अनिवार्य रूप से किसी महिला नर्सिंग स्टाफ या महिला अटेंडेंट की देखरेख में ही होने चाहिए। अस्पताल में पर्याप्त महिला कर्मियों की उपलब्धता होने के बावजूद एक पुरुष कर्मी को यह कार्य सौंपे जाने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व में भी मरीज अपनी लाचारी के कारण ऐसी हरकतों पर चुप रह जाते होंगे, लेकिन इस बार युवती के साहस ने इस अव्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

अधीक्षक का सख्त रुख और नए दिशा-निर्देश

घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने स्पष्ट किया है कि ऐसे आचरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी कर्मी को सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के सभी विभागों और वार्डों के प्रभारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में महिला मरीजों की हर तरह की देखभाल और चिकित्सा प्रक्रियाओं के दौरान केवल महिला स्टाफ और महिला अटेंडेंट की मौजूदगी ही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस नियम में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।