October 26, 2026

अभिनेत्री रसिका दुग्गल ने बच्चों के लिए अर्थपूर्ण फिल्में बनाने की अपील की

मुंबई । भारतीय सिनेमा की प्रतिभावान अभिनेत्री रसिका दुग्गल ने बच्चों के मानसिक विकास और मनोरंजन के लिए विशेष रूप से बनाई जाने वाली फिल्मों की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका मानना है कि लिटिल थॉमस जैसी फिल्में बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और प्रासंगिक हैं, क्योंकि ऐसी कहानियां बाल दर्शकों को अपने खुद के व्यक्तिगत अनुभवों, मासूम भावनाओं और संवेदनाओं से सीधे तौर पर जोड़ने का अवसर प्रदान करती हैं। इस फिल्म में वे जेसी मिरांडा नामक एक माँ का मुख्य किरदार निभा रही हैं। अभिनेत्री का कहना है कि इस प्रकार का सिनेमा बच्चों का स्वस्थ मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें सवाल पूछने, रचनात्मक कल्पना करने और अपने आसपास की विशाल दुनिया को अपनी समझ के अनुसार परखने की पूरी आजादी देता है। बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण सिनेमा की जरूरत पर विस्तार से बात करते हुए रसिका दुग्गल ने कहा कि सिनेमा किसी भी व्यक्ति की दुनिया को विस्तार देने और उसकी कल्पनाशीलता को नई उड़ान देने का एक बेहद सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इंसान के बड़े होने पर उसके मन में जो तमाम तरह के विचार और दृष्टिकोण विकसित होते हैं, उनका गहरा संबंध अक्सर बचपन के दिनों में देखी गई फिल्मों और कहानियों से होता है। इसी वजह से फिल्म उद्योग को ऐसी कहानियों का निर्माण अधिक से अधिक करना चाहिए, जिनसे बच्चे खुद को भावनात्मक रूप से जोड़ सकें। उन्होंने कहा कि निर्माताओं को बच्चों की सहज जिज्ञासा को नजरअंदाज करने के बजाय उसे खुले दिल से अपनाना चाहिए।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चों के लिए बनाई जाने वाली फिल्में बिना हल्की-फुल्की या सतही हुए भी बेहद मनोरंजक हो सकती हैं। उन्होंने देश भर के फिल्म निर्माताओं से अपील की कि वे बाल दृष्टिकोण वाली ऐसी कहानियों की खोज करें और उन पर काम करें, जिन्हें बच्चे न केवल खुशी-खुशी देख सकें बल्कि वे कहानियां उनकी रचनात्मक कल्पना शक्ति के लिए नए-नए दरवाजे भी खोलें।
कौशल ओझा के निर्देशन में बनी फिल्म लिटिल थॉमस 1990 के दशक के सुंदर राज्य गोवा की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह सात साल के मासूम बच्चे थॉमस और उसके परिवार के जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव को बड़ी ही खूबसूरती से दर्शाती है, जिसकी शैली दर्शकों को मालगुडी डेज और रस्किन बॉन्ड की अमर कहानियों की याद दिलाती है। फिल्म में गुलशन देवैया, रसिका दुग्गल और बाल कलाकार हृदांश पारेख ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म में रसिका दुग्गल द्वारा निभाया गया जेसी मिरांडा का किरदार एक ऐसी समर्पित माँ का है, जिसकी पूरी दुनिया उसके प्यारे परिवार, उसकी बेकरी और संगीत के प्रति उसके अनूठे प्रेम के इर्द-गिर्द घूमती है। यह फिल्म पूरी दुनिया को एक छोटे बच्चे के नजरिए से देखने का प्रयास करती है, जहाँ बचपन की जिज्ञासाओं से उपजे सीधे-सादे सवाल और उनके उत्तर पाने की जिद कई दिलचस्प परिस्थितियां पैदा करती है।