नई दिल्ली। देश में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी मुहिम शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत करेंगे। केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया ने जानकारी दी कि यह 100 हफ्तों तक चलने वाला एक बड़ा जनजागरूकता अभियान होगा।
100 हफ्तों का राष्ट्रव्यापी महाअभियान
इस अभियान के तहत देश भर में 10,000 से अधिक जगहों पर खेल प्रतियोगिताएं, वॉकेथॉन, नुक्कड़ नाटक और ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस मुहिम में एक करोड़ से ज्यादा युवा नशामुक्ति की शपथ लेंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूल, कॉलेज, युवा क्लबों, सामाजिक संगठनों के साथ-साथ 125 से ज्यादा आध्यात्मिक संस्थाओं को भी जोड़ा जा रहा है।
कम उम्र में नशे की चपेट में आते बच्चे
वर्ष 2025 में एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञों द्वारा 10 बड़े शहरों के करीब 5,900 स्कूली छात्रों पर किए गए एक सर्वेक्षण में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 11 से 14 वर्ष की नन्हीं उम्र में ही बच्चे नशीले पदार्थों के संपर्क में आ रहे हैं। वर्तमान में देश में गांजा, हेरोइन, अफीम, चरस और कोकीन के अलावा नशीली दवाओं का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ा है।
पंजाब सहित ये राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित
सीमा पार से होने वाली तस्करी के कारण पंजाब नशे के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है, जिसे लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी गहरी चिंता जताई है। इसके अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, केरल और पूर्वोत्तर के राज्य असम, मणिपुर व मिजोरम भी मादक पदार्थों से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों की सूची में शामिल हैं।
तस्करों पर सख्त कार्रवाई और रिकॉर्ड गिरफ्तारियां
देश में नशे के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2020 से 2022 के बीच ढाई लाख से अधिक मामले दर्ज कर 2.80 लाख से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं वर्ष 2025 में एनसीबी ने 447 मामलों में कार्रवाई करते हुए 994 ड्रग तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है।

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