October 21, 2026

भिलाई के विकास के लिए 150.79 करोड़ का खाका तैयार, दो जगहों पर बनेंगे कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स

भिलाई। भिलाई नगर निगम ने शहर में अधोसंरचनात्मक विकास को गति प्रदान करने, अपनी नियमित वित्तीय आय में बढ़ोतरी करने और ऊर्जा पर होने वाले भारी-भरकम खर्च में कटौती करने के उद्देश्य से 150.79 करोड़ रुपये की चार बड़ी और महत्वाकांक्षी योजनाएं तैयार की हैं। इन सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए अरबन चैलेंज फंड के तहत राज्य शासन के नगरीय प्रशासन और विकास विभाग को आधिकारिक प्रस्ताव प्रेषित कर दिया गया है।

चारों विकास परियोजनाओं का प्रारूप शासन को भेजा

भिलाई नगर निगम आयुक्त सुरूचि सिंह ने शहर के समग्र विकास से जुड़ी इन चारों परियोजनाओं का विस्तृत खाका और प्रस्ताव राज्य शासन की मंजूरी के लिए भेजा है। शासन स्तर से हरी झंडी और आवश्यक वित्तीय स्वीकृति मिलते ही इन सभी विकास कार्यों की जमीनी क्रियान्वयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। इन योजनाओं का मुख्य ध्येय नगर निगम की नियमित राजस्व प्राप्ति को बढ़ाना, हर महीने आने वाले बिजली बिलों के आर्थिक बोझ को कम करना तथा सीवेज के शोधित पानी का उद्योगों में पुनरुत् उपयोग सुनिश्चित करना है।

व्यावसायिक परिसरों के निर्माण से बढ़ेगी आय

नगर निगम ने शहर के दो प्रमुख और व्यस्ततम क्षेत्रों में नए आधुनिक व्यावसायिक परिसरों के निर्माण की योजना रूपायित की है। इसके तहत जीई रोड पर स्थित संजय नगर वार्ड नंबर 6 में 65 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक भव्य कमर्शियल कॉम्प्लैक्स बनाया जाएगा। वहीं, शहर के शीतला क्षेत्र में 12.40 करोड़ रुपये की लागत से एक अन्य व्यावसायिक परिसर का निर्माण किया जाएगा। दोनों परिसरों के निर्माण पर कुल 77.40 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी। इन परिसरों में आधुनिक दुकानें और व्यावसायिक स्थल तैयार होंगे, जिन्हें किराए पर देकर या आवंटित कर निगम अपनी स्थायी आय में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।

सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना से होगी बिजली बिल में बचत

नगर निगम बिजली के मद में होने वाले भारी-भरकम वित्तीय व्यय को नियंत्रित करने के लिए 63.79 करोड़ रुपये की लागत से 10 मेगावाट क्षमता का एक विशाल सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य निगम की अपनी दैनिक ऊर्जा आवश्यकताओं को सौर ऊर्जा से पूरा करना और हर महीने आने वाले बिजली बिलों में बड़ी आर्थिक बचत करना है। सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ने से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटेगी और बचत की गई धनराशि का उपयोग शहर की अन्य नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में किया जा सकेगा।

औद्योगिक उपयोग के लिए शोधित जल की आपूर्ति

निगम की चौथी महत्वपूर्ण योजना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में साफ किए गए पानी का औद्योगिक इस्तेमाल सुनिश्चित करना है, जिस पर 9.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अंतर्गत शोधित पानी को उद्योगों तक पहुंचाने के लिए नई पाइपलाइन बिछाने, आधुनिक पंपिंग स्टेशन स्थापित करने और एक सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का प्रावधान है। शोधित जल के दोबारा उपयोग से स्थानीय उद्योगों को पानी की आपूर्ति होगी और पीने योग्य शुद्ध जल की औद्योगिक मांग में कमी आएगी, जिससे प्राकृतिक जल संसाधनों का संरक्षण होगा।

परियोजनाओं की वित्तीय व्यवस्था और बजट का ढांचा

इन चारों परियोजनाओं की कुल 150.79 करोड़ रुपये की लागत जुटाने के लिए एक विशेष वित्तीय मॉडल तैयार किया गया है। योजना के अनुसार कुल राशि का 50 प्रतिशत भाग यानी लगभग 75.39 करोड़ रुपये बॉन्ड, ऋण या निजी भागीदारी के माध्यम से जुटाए जाएंगे। शेष 50 प्रतिशत राशि के लिए केंद्र और राज्य सरकार से 25-25 प्रतिशत के अंशदान का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके तहत केंद्र व राज्य सरकार दोनों से 37.69-37.69 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद जताई गई है।