इंदौर
काबुली चना का बेहतर निर्यात और घरेलु मांग से कीमतों में फिर मजबूती का रुख देखा गया। काबुली चना कंटेनर में करीब 100 रुपये ऊंचा बोला गया। दरअसल, किसान नीचे दामों पर बिकवाली के इच्छुक नहीं है। वहीं व्यापारियों के हाथ में स्टॉक कम होने से मांग की पूर्ति के लिए भाव बढ़ाकर काबुली चने की खरीदी कर रहे।
घरेलु मांग बेहतर रहने की उम्मीद
काबुली के बड़े कारोबारियों के अनुसार मई और जून में निर्यात का प्रदर्शन अच्छा रहा है। चीन, श्रीलंका, सऊदी, इजिप्ट देशों से काबुली में अच्छी मांग है। इस बीच अगले 4-5 महीने त्योहारी सीजन से घरेलु मांग भी बेहतर रहने की उम्मीद है। इस दौरान निर्यातकों की मांग और बढ़ती है तो काबुली के दामों में और तेजी आ सकती है।
देसी चने की कीमत में तेजी
दूसरी और देसी चने की आवक भी मांग के अनुरूप नहीं होने से भाव में तेजी रही। सोमवार को चना कांटा बढ़कर 7400 विशाल 7150-7200 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। दरअसल, चने से बने उत्पाद चना दाल और बेसन में उपभोक्ता ग्राहकी जोरदार देखी जा रही है जो आगे और बढ़ने की संभावना है। इसके चलले मिलर्स की चने में खरीदी बढ़ गई है लेकिन मंडियों में आवक कम देखी गई।
चना दाल की कीमत बढ़ी
व्यापारियों का कहना है कि बारिश और फसलों की बोवनी का कार्य चलने के वजह से किसानी मालों की आवक बेहद कमजोर है। इससे चने की तेजी को बढ़ावा मिल रहा है। चना दाल में भी मांग अच्छी रहने से 100 रुपये की तेजी रही।
मूंग के दाम भी बढ़े
इधर, अच्छी क्वालिटी के मूंग की आवक बेहद कमजोर बनी हुई है जबकि मिलों की छुटपुट लेवाली रहने से मूंग के दाम भी बढ़ाकर बोले गए। मूंग नया गर्मी बढ़कर 7800-8050 एवरेज 7200-7700 मूंग बोल्ड गर्मी 8100-8300 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई।
तुवर दाल हुई कमजोर
तुवर दाल में उपभोक्ता पूछताछ कमजोर रहने से 100 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। अन्य दाल-दलहन में कारोबार सामान्य रहा। भाव में कोई खास परिवर्तन नहीं रहा।

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