नई दिल्ली
2024 का लोकसभा चुनाव अब सिर पर आ गया है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा के सामने विपक्ष का खड़ा रह पाना बहुत ही मुश्किल है। इसकी वजह 2019 में भाजपा को मिले वोट हैं। 2019 में भाजपा को 14 राज्यों में 50 फीसदी से अधिक वोट मिले थे। इसी सफलता के दम पर भाजपा ने अकेले 303 सीटें व एनडीए ने 351 सीटें जीती थीं। भाजपा को इन 14 राज्यों में रोकने के लिए विपक्ष ने भी कमर कस ली है। वह आपस में गठबंधन कर रहे हैं। सीट बंटवारे को लेकर भी सजग हैं।
2019 में भाजपा ने दो केंद्र शासित राज्य चंडीगढ़, दिल्ली व 14 राज्यों हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड में 50 फीसदी से ज्यादा वोट पाए थे। इन 14 राज्यों में लोकसभा की 244 सीटें हैं। इनमें भाजपा को जनता का अपार समर्थन मिला था और वह 217 सीटें जीत गई थी।
विपक्ष के सामने आखिर क्या है चुनौती
भाजपा ने वोटों में 50 फीसदी की सीमा को पार कर लिया है। ऐसे में उसके सामने कोई भी गठबंधन आ जाए, वह टिक नहीं पाएगा। विपक्ष तब तक भाजपा को चुनौती नहीं दे सकता है, जब तक वह उसके वोटबैंक को कम नहीं कर देता। विपक्ष को कोशिश करनी होगा कि वह भाजपा के मतदाताओं में सेंध लगाए और अपने मत प्रतिशत को भाजपा से आगे लेकर जाए। ऐसी स्थिति में ही विपक्ष भाजपा के सामने चुनौती बन खड़ा हो सकता है।

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