November 7, 2026

गढ़चिरौली के जंगल में मिला नक्सलियों का विस्फोटक, पुलिस ने किया बरामद

गढ़चिरौली। छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में भले ही नक्सली गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम कस चुकी है, किंतु जंगलों के भीतर और जमीन के नीचे छुपाकर रखे गए खतरनाक विस्फोटक अब भी सुरक्षाबलों के साथ-साथ आम नागरिकों की जान के लिए एक बड़ा खतरा बने हुए हैं। इसी कड़ी में गढ़चिरौली पुलिस ने एक बड़ी और सतर्क कार्रवाई को अंजाम देते हुए नक्सलियों द्वारा जमीन के अंदर डंप करके रखे गए भारी मात्रा में विस्फोटक और युद्धक सामग्रियों के जखीरे को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित और पेशेवर कार्रवाई से इलाके में एक बहुत बड़ी नक्सली साजिश और अनहोनी टल गई है।

खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया विशेष सर्च अभियान

स्थानीय पुलिस को यह पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि पोस्टे गैरापत्ती के अंतर्गत आने वाले टव्वे जंगल के घने इलाके में नक्सलियों द्वारा हथियारों और विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा छिपाकर रखा गया है। इस संवेदनशील इनपुट मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई और पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के कुशल मार्गदर्शन व दिशा-निर्देशन में एक विशेष अभियान की रूपरेखा तैयार की गई। इस उच्च जोखिम वाले ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए विशेष अभियान दल (सी-60) की गढ़चिरौली और प्राणहिता इकाइयों की कुल 4 टुकड़ियों के साथ-साथ बम डिस्पोजल एवं डिटेक्शन स्क्वाड (बीडीडीएस) की 2 विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया। सभी सुरक्षाकर्मियों ने पूरी सावधानी बरतते हुए संदिग्ध जंगलों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया।

सघन तलाशी के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद

जंगल का भौगोलिक क्षेत्र अत्यंत दुर्गम, घना और चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद सुरक्षाबलों के जवानों ने एक-एक इंच जमीन की बारिकी से तलाशी ली। कई घंटों तक चले इस व्यापक सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार सुरक्षाबलों को वह ठिकाना मिल ही गया, जहाँ नक्सलियों ने जमीन के नीचे गड्ढा खोदकर विस्फोटक सामग्री को छिपा रखा था। जब जमीन के भीतर दबाए गए उस सामान को बाहर निकाला गया, तो उसमें मौजूद सामग्रियों की मात्रा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। मौके से बरामद की गई वस्तुओं में सुरक्षाबलों को नुकसान पहुँचाने और बारूदी सुरंग बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कुल 11 कुकर, लगभग 100 फीट लंबा कॉर्टेक्स वायर के 3 बंडल, 3 किलोग्राम गन पाउडर, 4 डेटोनेटर, 1 बैटरी, 250 ग्राम पटाखा बारूद, 4 स्टील कंटेनर, 8 वायर बंडल, 1 सोलर प्लेट तथा अन्य आपत्तिजनक नक्सली साजो-सामान शामिल हैं।

बड़ी साजिश नाकाम और सुरक्षाबलों की मुस्तैदी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खूंखार नक्सली इस प्रकार के खतरनाक विस्फोटकों का इस्तेमाल आमतौर पर अपने तथाकथित 'नक्सल सप्ताह' या चुनाव के दौरान सुरक्षाबलों के काफिले पर घातक हमले करने के नापाक मंसूबे के तहत करते हैं। वे अक्सर जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने के लिए ऐसे साजो-सामान को सुदूर जंगलों में जमीन के नीचे भूमिगत डंप बनाकर छुपा देते हैं। इस बार भी उनका इरादा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने का था, किंतु जिला पुलिस की समय पर मिली सटीक सूचना और जवानों की सतर्कता के चलते नक्सलियों की यह खतरनाक योजना पूरी तरह से नाकाम साबित हुई।