भोपाल। प्रकाश के पर्व दीपावली के अवसर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में स्वच्छता और नागरिक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके कारण सड़कों और मोहल्लों में कचरे के अंबार दिखाई दे रहे हैं। कर्मचारी संगठन इस बात पर अड़े हैं कि वे किसी भी जनप्रतिनिधि या मध्यस्थ के बजाय केवल मुख्यमंत्री से सीधी वार्ता करेंगे।
अटल भवन की तालाबंदी और जलसंकट की दी चेतावनी
आंदोलनकारी कर्मचारियों ने शुक्रवार को अटल भवन में ताला लगाने और जलापूर्ति ठप करने की कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि शासन स्तर पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपनी लड़ाई को और उग्र बनाएंगे। कर्मचारियों का आरोप है कि नियमितीकरण, वेतनमान में वृद्धि और मूलभूत सुविधाओं के संबंध में उन्हें हर बार केवल मौखिक आश्वासन देकर टाल दिया जाता है।
प्रदेश के सभी निकायों में आवश्यक सेवाएं ठप
इस कार्य बहिष्कार का असर राज्य के सभी 10 संभागों, 16 नगर निगमों और 374 नगरपालिकाओं में साफ नजर आ रहा है। सफाई, घर-घर से कचरा उठान, पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं। भोपाल के अनेक वार्डों में कई दिनों से गंदगी न उठने के कारण नालियां चोक हो रही हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों और मच्छरों का प्रकोप फैलने की आशंका बढ़ गई है।
त्योहार पर आम जनता परेशान, प्रशासन की बढ़ी चिंता
दीपावली के मौके पर घरों और दुकानों की सफाई में जुटे नागरिकों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उधर, एकाएक बिगड़े हालात ने प्रशासनिक तंत्र की नींद उड़ा दी है। नगर निगम के अफसरों का दावा है कि वैकल्पिक संसाधनों के जरिए व्यवस्था संभालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सीमित श्रमबल की वजह से राहत कार्य अपर्याप्त सिद्ध हो रहे हैं।

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