देवास। दीपावली के त्योहार से ठीक पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने देवास के नयापुरा क्षेत्र में स्थित ‘न्यू सदेसी स्वीट्स’ नामक प्रतिष्ठान पर औचक कार्रवाई करते हुए लगभग 550 किलोग्राम मिलावटी और संदिग्ध मिठाइयां जब्त की हैं। जांच में सामने आया कि यह मिठाइयां राज्य में पूरी तरह प्रतिबंधित 'एनालॉग मावे' से तैयार की जा रही थीं। मौके पर किए गए रैपिड स्ट्रिप परीक्षण में मावे का सैंपल फेल होने के बाद खाद्य अधिकारियों ने पूरे स्टॉक को सील कर दिया।
रक्षाबंधन पर भी पकड़ा गया था 1000 किलो घटिया मावा
खाद्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई से शहर के मिलावटखोरों में अफरा-तफरी का माहौल है। अफसरों के अनुसार रक्षाबंधन के दौरान भी देवास में विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर 1,000 किलो घटिया मावा बरामद किया गया था। उस दौरान भी इसी ‘न्यू सदेसी स्वीट्स’ पर प्रकरण दर्ज हुआ था। बार-बार नियम उल्लंघन पाए जाने के कारण अब विभाग इस दुकान का खाद्य लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कराने का आवेदन प्रस्तुत करने जा रहा है।
नापतोल विभाग की जांच में भी पकड़ी गई धोखाधड़ी
प्रतिष्ठान में न केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ हो रहा था, बल्कि ग्राहकों को वजन में भी धोखा दिया जा रहा था। दल में शामिल नापतोल विभाग के अधिकारियों ने दुकान के इलेक्ट्रॉनिक कांटे का परीक्षण किया, जिसमें भारी तकनीकी गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक तराजू को तुरंत जब्त कर सील लगा दी गई। अब आरोपी संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अपर कलेक्टर न्यायालय में नया मामला दर्ज कराया जाएगा।
त्यौहार पर सेहत से खिलवाड़ को लेकर आम जनता में आक्रोश
दीपावली जैसे प्रमुख पर्व पर धड़ल्ले से बेची जा रही नकली मिठाइयों को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। पूर्व में मामला दर्ज होने के बावजूद दोबारा इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मावा मिलना प्रशासनिक निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े करता है। शहरवासियों का कहना है कि मिलावटखोरों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कदम उठाए जाएं ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ रोका जा सके।

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