देवास। खातेगांव थाना टीआई दिलीप पुरी की संदिग्ध मौत और अवैध शराब तस्करी के मामले में प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए आयशर ट्रक मालिक कैरम सिंह को आलीराजपुर के बेहड़वा गांव से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर शराब से भरे ट्रक की पायलटिंग करने का गंभीर आरोप है। कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए हरदा कलेक्टर ने टिमरनी स्थित तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं, वहीं लापरवाही बरतने पर सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमरसिंह बघेल सहित दो आबकारी आरक्षकों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
आरोपों पर कांग्रेस नेता की सफाई
मामले में नाम सामने आने के बाद टिमरनी से कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब कारोबार से उनका कोई लेना-देना नहीं है और उनके पास कोई शराब ठेकेदारी का लाइसेंस नहीं है। उन्होंने कहा कि वे बस ट्रेवल्स और पेट्रोल पंप का व्यवसाय करते हैं तथा सोशल मीडिया के जरिए ही उन्हें इस मामले में अपना नाम घसीटे जाने की जानकारी मिली है।
विपक्ष ने सरकार और कानून-व्यवस्था को घेरा
इस घटना को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश भर में अवैध शराब का समानांतर कारोबार फल-फूल रहा है। उन्होंने कहा कि पवित्र घोषित किए गए धार्मिक स्थलों पर भी शराब की होम डिलीवरी हो रही है और सरकार को इस पूरे मामले में निष्पक्ष जाँच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने की 1 करोड़ की आर्थिक मदद और नौकरी की घोषणा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने टीआई की दुखद मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके साथ ही दिवंगत टीआई की पत्नी को पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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