हाजीपुर। बिहार के वैशाली जिले के अंतर्गत आने वाले सदर थाना क्षेत्र के मरमला चौर इलाके में रविवार की देर रात पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच भीषण मुठभेड़ होने का मामला सामने आया है। वैशाली जिला पुलिस तथा एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई इस गोलीबारी की घटना में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के तहत कुख्यात आरोपी राज नंदन कुमार उर्फ छोटू के दाहिने पैर में गोली जा धंसी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल अवस्था में इस शातिर अपराधी को अपनी हिरासत में ले लिया और उसे उपचार के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कड़े सुरक्षा पहरे के बीच उसका इलाज जारी है। पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, इस दुर्दांत आरोपी पर विभिन्न थानों में लगभग 17 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह समस्तीपुर के चर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य मास्टरमाइंड भी है।
पुलिस को देखते ही शुरू की फायरिंग और जवाबी कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की रात वैशाली पुलिस और एसटीएफ की एक संयुक्त टीम को यह गुप्त सूचना मिली थी कि वांछિત अपराधी छोटू मरमला चौर क्षेत्र में छिपा हुआ है और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इस सूचना के आधार पर सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने उक्त इलाके की चारों तरफ से घेराबंदी कर ली। जब पुलिस टीम ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, तो उसने कानून के समक्ष झुकने के बजाय सीधे पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अपनी और सहकर्मियों की रक्षा के लिए पुलिस बल को भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई।
फरार रहने का इतिहास और समस्तीपुर लूटकांड का मुख्य सरगना
पुलिस की पूछताछ और दस्तावेजों के मुताबिक, घायल अपराधी की शिनाख्त सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी कला निवासी चंदेश्वर राय के पुत्र राज नंदन कुमार उर्फ छोटू के रूप में हुई है। यह कुख्यात लंबे समय से वैशाली और समस्तीपुर पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। इस पर डकैती, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के तहत करीब 17 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। खास बात यह है कि वर्ष 2025 के दौरान न्यायालय में पेशी के लिए लाए जाने पर यह शातिर अपराधी समस्तीपुर कोर्ट परिसर से पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल हो गया था। तब से लेकर अब तक पुलिस और एसटीएफ की विशेष टीमें उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थीं।
वरिष्ठ अधिकारियों का घटनास्थल का दौरा और फॉरेंसिक जांच
इस सनसनीखेज मुठभेड़ की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा और सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, अपराध और साक्ष्यों के संकलन के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी मौके से महत्वपूर्ण सुराग और साक्ष्य जुटाए हैं। मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। पुलिस अब इस अपराधी के अन्य सहयोगियों, आपराधिक नेटवर्क और संपर्कों की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है ताकि इसके पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

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