विशाखापट्टनम। चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कारण तटीय राज्यों में बने गंभीर हालात के बीच राहत की खबर सामने आई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में बताया कि समय रहते किए गए प्रशासनिक और एहतियाती उपायों की वजह से राज्य में अब तक किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। उन्होंने जिला कलेक्टरों सहित लगभग 32 हजार कर्मचारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रभावित इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए और नुकसान को न्यूनतम स्तर पर रखा जाए।
आंध्र प्रदेश में राहत कार्य और प्रशासनिक निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि तेज हवाओं से सड़कों पर गिरे पेड़ों को अधिकतम 2 घंटे के भीतर हटाकर यातायात बहाल किया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर रुकावट बने पेड़ों को तुरंत हटाने और हवा की रफ्तार कम होते ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने को कहा गया है। राहत शिविरों में भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। खेतों, बागवानी फसलों और जल निकायों को नुकसान से बचाने के लिए भी प्रशासनिक टीम को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 'मनमित्र' प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।
तमिलनाडु के तटीय इलाकों में असर और अलर्ट
तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा और तटीय क्षेत्रों में समुद्र की ऊंची लहरें उठती देखी गईं। तेज हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल की चेतावनी के बाद सुरक्षा के मद्देनजर मछुआरों को लगातार तीसरे दिन समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
ओडिशा के 6 जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में, विशेषकर गंजाम जिले में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तूफान के केंद्र में 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंकों की गति 145 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। यह चक्रवात बापटला और विशाखापट्टनम के बीच, यानम के ठीक दक्षिण से टकराते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा। इसके बाद यह छत्तीसगढ़ और ओडिशा की ओर रुख करेगा। इस दौरान दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगड़ा, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।

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