October 23, 2026

कई जिलों तक फैला था हेड कांस्टेबल का कथित काला कारोबार, परिवार की संपत्तियां भी जांच के दायरे में

उज्जैन। पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ आरक्षक (कॉन्स्टेबल) फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले वित्तीय खुलासे सामने आ रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, फिरोज खान के परिवार के सदस्यों द्वारा देवास में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से दो महंगे प्लॉट खरीदे जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा उज्जैन रोड पर लगभग पैंतालीस बीघा जमीन के नौ करोड़ रुपये के बड़े सौदे में कॉन्स्टेबल के गवाह के रूप में शामिल होने का मामला भी लोकायुक्त के रडार पर आ गया है।

परिवार के सदस्यों के नाम पर देवास में खरीदी गई संपत्तियां

लोकायुक्त की छानबीन में यह बात सामने आई है कि पिछले साल अगस्त महीने में देवास की दो संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में फिरोज खान की पत्नी हिना खान, उनकी मां वहीदा खान और उनकी बेटी जैफी खान ने हिस्सा लिया था। उज्जैन रोड और कॉन्वेंट स्कूल मार्ग पर स्थित इन दोनों प्लॉटों की बोली बानवे लाख रुपये में तय हुई थी, तथा रजिस्ट्री व अन्य प्रशासनिक खर्चों को मिलाकर इनकी कुल लागत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है। इन संपत्तियों को खरीदने के लिए फिरोज खान द्वारा भुगतान किए जाने के प्रमाण मिले हैं, जिसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए लोकायुक्त ने देवास के रजिस्ट्रार कार्यालय से दस्तावेजों का पूरा ब्योरा तलब कर लिया है।

उज्जैन में नौ करोड़ के जमीन सौदे और गवाही की जांच

जांच के दौरान एक अन्य बड़े खुलासे में उज्जैन रोड पर स्थित करीब पैंतालीस बीघा जमीन का नौ करोड़ रुपये का सौदा भी प्रकाश में आया है। यह जमीन कस्तूरीबाई और इंदौर निवासी रविकांत पंवार द्वारा एक रियल एस्टेट फर्म के पार्टनर को बेची गई थी, जिसमें कॉन्स्टेबल फिरोज खान को एक प्रमुख गवाह के रूप में खड़ा किया गया था। वर्तमान में राजस्व न्यायालय द्वारा इस भूमि के नामांतरण पर रोक लगा दी गई है। लोकायुक्त इस बिंदु पर गहराई से पड़ताल कर रहा है कि इस भारी-भरकम वित्तीय सौदे के पीछे फिरोज खान की वास्तविक भूमिका क्या थी और एक आरक्षक के पद पर रहते हुए इतने बड़े आर्थिक लेन-देन में उनकी क्या संलिप्तता रही है।

लोकायुक्त का शिकंजा और आय के स्रोतों की गहन पड़ताल

बीते महीने चौदह अक्टूबर को लोकायुक्त की विशेष टीम ने आरक्षक फिरोज खान के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। इस छापेमारी के बाद से ही जांच एजेंसी उनकी चल-अचल संपत्तियों, बेनामी प्रॉपर्टी और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की एक-एक परत खंगालने में जुटी है। देवास की महंगी संपत्तियों की खरीद और उज्जैन के नौ करोड़ रुपये के भूमि सौदे से जुड़े सभी दस्तावेज लोकायुक्त की जांच का मुख्य केंद्र बने हुए हैं, तथा जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।