October 23, 2026

बच्चों से राजनीतिक नारे लगवाने का आरोप, दिग्विजय सिंह की यात्रा पर मानवाधिकार आयोग सख्त

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' एक बार फिर बड़े राजनीतिक विवाद की जद में आ गई है। इस यात्रा के दौरान स्कूली बच्चों को शामिल करने और उनसे राजनीतिक नारे लगवाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसका संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश सरकार को आधिकारिक नोटिस जारी किया है। आयोग की इस सख्त कार्रवाई के बाद से राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और प्रशासन से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब तलब किया गया है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कड़ा रुख और जांच के निर्देश

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की पीठ ने इस पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 12 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई आरंभ कर दी है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र प्रेषित कर दो सप्ताह के भीतर पूरी घटना की तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने अपने आदेश में यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या राजनीतिक लाभ के लिए वास्तव में नाबालिग बच्चों का उपयोग किया गया था, उन्हें किसी प्रकार का प्रलोभन दिया गया था, अथवा इसमें बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों का सीधा उल्लंघन हुआ है या नहीं।

सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री और मंत्रालयों को नोटिस

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग ने केवल राज्य प्रशासन तक ही सीमित न रहते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भी नोटिस जारी किया है। मंत्रालय से यह रिपोर्ट मांगी गई है कि बच्चों की पहचान को उजागर करने वाले वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किस प्रकार वायरल हुईं तथा इस पर क्या वैधानिक कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि यह यात्रा विजयदशमी के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित शिवधाम से प्रारंभ हुई थी, जिसमें साधु-संतों और एक विशेष रथ के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे, परंतु बच्चों की सहभागिता को लेकर अब यह कानूनी पचड़े में फंस गई है।