भोपाल। प्रदेश में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में परिवहन विभाग द्वारा एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब घर बैठे ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस टेस्ट देने के दौरान किसी अन्य व्यक्ति द्वारा परीक्षा में बैठने या एजेंटों के जरिए पास कराने की गुंजाइश को पूरी तरह समाप्त किया जा रहा है। आगामी 23 अक्टूबर से लागू होने जा रही इस नई व्यवस्था के तहत परीक्षा के दौरान अत्याधुनिक फेस ऑथेंटिकेशन और रियल-टाइम कैमरा तकनीक से आवेदक की पहचान सत्यापित की जाएगी। इस पहल से फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से लगाम लगेगी और केवल योग्य व्यक्तियों को ही लाइसेंस जारी हो सकेगा।
एनआईसी और सारथी पोर्टल का नया आधुनिक मॉड्यूल
परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा ने इस महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के 'सारथी' पोर्टल के लिए लर्नर लाइसेंस परीक्षा का एक विशेष और नया मॉड्यूल तैयार किया है। इस नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित 'फेस ऑथेंटिकेशन' और निरंतर कैमरा मॉनिटरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही ऑनलाइन परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को अधिक मजबूत बनाने के लिए 'सेफ एग्जाम ब्राउजर' का प्रयोग किया जाएगा, जिससे परीक्षा के दौरान सिस्टम में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, टैब बदलने या अनधिकृत सहायता लेने की कोशिश पूरी तरह से विफल हो जाएगी।
एजेंटों की धोखाधड़ी और ओटीपी के दुरुपयोग पर लगेगी पूरी रोक
वर्तमान में लागू प्रक्रिया में अक्सर यह शिकायतें मिलती थीं कि आवेदक अपने आधार कार्ड का विवरण और मोबाइल पर आने वाला ओटीपी (OTP) बाहरी एजेंटों के साथ साझा कर देते थे। इसके बाद एजेंट स्वयं परीक्षा में बैठकर टेस्ट पास करवा देते थे, जिससे वाहन चालक को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का सही ज्ञान नहीं मिल पाता था। वर्तमान व्यवस्था में लर्निंग लाइसेंस के लिए पूछे जाने वाले 10 प्रश्नों में से 6 का सही उत्तर देना अनिवार्य होता है। नई कैमरा आधारित निगरानी प्रणाली लागू होने के बाद यह पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगा कि कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठा व्यक्ति ही असली आवेदक है और वह बिना किसी बाहरी मदद के परीक्षा दे रहा है।
सड़क सुरक्षा में सुधार और 23 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू
लर्निंग लाइसेंस किसी भी नागरिक के लिए सड़क पर वाहन चलाने की अनुमति प्राप्त करने का पहला और महत्वपूर्ण सोपान होता है। इस परीक्षा का मुख्य ध्येय चालक को ट्रैफिक संकेतों और सड़क सुरक्षा के मूलभूत नियमों से भली-भांति अवगत कराना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। एनआईसी द्वारा विकसित यह नया सुरक्षा मॉड्यूल फिलहाल अंतिम ट्रायल के दौर में है और 23 अक्टूबर से इसे देश भर में पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सकेगी।

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