भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक संपन्न होने के पश्चात मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य में 'जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर' का निर्माण किया जाएगा, जिसे कैबिनेट ने अपनी हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए 'जबलपुर–इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड' का गठन किया जाएगा।
100 करोड़ की शुरुआती पूंजी से होगा विकास
इस भव्य इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास के लिए शुरुआती चरण में 100 करोड़ रुपये की अधिकृत पूंजी का प्रावधान किया गया है। नवनिर्मित स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) कंपनी की कमान स्वयं मुख्यमंत्री संभालेंगे। परियोजना के प्रथम चरण में लगभग 10 हजार एकड़ के विशाल क्षेत्र में तीन से पांच प्रमुख औद्योगिक हब विकसित किए जाने की योजना है। इन औद्योगिक हबों में उद्योगों को भूमि आवंटन के साथ-साथ निर्बाध बिजली, पानी, सुदृढ़ सड़क नेटवर्क, सीवरेज और आधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे इन्हें पूर्ण औद्योगिक टाउनशिप का स्वरूप मिलेगा।
लाखों रोजगार और बड़े निवेश की उम्मीद
सरकार का अनुमान है कि इस कॉरिडोर के जरिए प्रदेश में एक से डेढ़ लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश आकर्षित किया जाएगा। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 6 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। हालांकि, वास्तविक निवेश और रोजगार सृजन के सटीक आंकड़े डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार होने और प्रमुख उद्योगपतियों व निवेशकों से चर्चा के बाद पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
कैबिनेट बैठक में इन अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी
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स्कूल बसों का नियंत्रण: सांदीपनि विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के परिवहन हेतु संचालित होने वाली बसों के प्रबंधन और नियंत्रण का अधिकार संबंधित जिलों के कलेक्टर को सौंपने का निर्णय लिया गया।
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महिला बाल विकास के नए दफ्तर: नवगठित जिलों में प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के नए कार्यालय खोलने की स्वीकृति दी गई।
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3000 करोड़ का बजट मंजूर: प्रदेश में खेल, शिक्षा और अन्य सामाजिक क्षेत्रों के अवसंरचनात्मक विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये की विशाल राशि मंजूर की गई।
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बिजली समस्या का जल्द समाधान: राज्य में गहराए बिजली संकट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्वासन दिया कि पंजाब और उत्तर प्रदेश से अतिरिक्त बिजली ली जा रही है और अगले एक-दो दिनों के भीतर यह संकट पूरी तरह से दूर कर लिया जाएगा।

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