October 8, 2026

मक्का डिफेंस अलायंस का बड़ा कदम, सऊदी अरब में तैनात होंगे पाक और तुर्की के सैनिक

सना। यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान हो चुका है। हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित यमनी सेना के बीच छिड़ी इस भीषण जंग के बीच अब मक्का डिफेंस पैक्ट पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके तहत पाकिस्तान और तुर्की की सैन्य एंट्री हो रही है। सऊदी अरब की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दोनों देश तेजी से अपने सैनिक तैनात करेंगे। यह कड़ा फैसला यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार बढ़ाए जा रहे हमलों और क्षेत्रीय तनाव के मद्देनजर लिया गया है।

रियाद में उच्चस्तरीय आपात बैठक के बाद फैसला

यह बड़ा रणनीतिक निर्णय सोमवार को रियाद में आयोजित एक उच्चस्तरीय आपात बैठक के बाद सामने आया। सऊदी अरब की राजधानी में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने हिस्सा लिया। विचार-विमर्श के बाद तीनों देशों द्वारा जारी संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया कि सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी खतरे या हमले को पूरी तरह से खारिज किया जाता है। सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को अब तुरंत जमीन पर उतारने पर सहमति बनी है, जिसके तहत आवश्यक सैन्य बल और संसाधन तेजी से सऊदी अरब भेजे जाएंगे।

तीनों देशों के बीच रक्षा समझौते की अहमियत

गौरतलब है कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच यह आपसी रक्षा समझौता इसी साल अगस्त में हुआ था। इस समझौते के प्रावधानों के अनुसार, यदि गठबंधन के किसी भी देश पर बाहरी हमला होता है, तो बाकी देश उसकी रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे आएंगे। यह गठबंधन सामरिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें तुर्की (जिसके पास नाटो की दूसरी सबसे बड़ी सेना है), पाकिस्तान (मुस्लिम जगत का एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न देश) और सऊदी अरब जैसी प्रभावशाली सैन्य ताकतें शामिल हैं।

हालांकि अभी यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है कि पाकिस्तान और तुर्की कुल कितने सैनिक सऊदी अरब भेजेंगे और उनकी सटीक सामरिक भूमिका क्या होगी, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई है।

हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमले और क्षेत्रीय हालात

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हूती लड़ाके सऊदी अरब के प्रमुख शहरों, महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों और सामरिक समुद्री मार्गों को लगातार निशाना बना रहे हैं। सितंबर में हूतियों द्वारा यमन के कई बड़े इलाकों पर कब्जा करने के बाद, सऊदी समर्थित बलों ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के रणनीतिक क्षेत्रों और धुबाब शहर को फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस नए सैन्य समझौते के बाद इस क्षेत्र में संघर्ष के और अधिक तेज होने की आशंका जताई जा रही है।