October 6, 2026

फ्लाईदुबई विमान को लेकर इजरायल ने बनाया था इमरजेंसी प्लान, तेल अवीव बढ़ता तो होती कार्रवाई

दुबई/तेल अवीव। फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर पायलट पर हुए जानलेवा हमले के बाद एक समय ऐसा आया था जब इजरायल और सऊदी अरब दोनों देशों में हड़कंप मच गया था। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए इजरायल ने इस विमान को संभावित अपहरण यानी हाईजैक मानकर अपने लड़ाकू विमानों को पूरी तरह से अलर्ट और तैयार कर दिया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय आसमान में भारी तनाव पैदा हो गया था।

अचानक नीचे गिरने पर टूटा संपर्क और एक्टिव हुआ डिफेंस सिस्टम

घटना के दौरान जब विमान अचानक करीब चौदह हजार फीट की ऊंचाई से नीचे की ओर गोता लगाने लगा, तो इजरायली वायुसेना ने तुरंत कॉकपिट से संपर्क साधने का प्रयास किया, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं मिला। इस खामोशी के बाद इजरायल ने अपनी पहले से तय आपातकालीन व्यवस्था को तुरंत सक्रिय कर दिया, एक विशेष कमांड सेंटर का गठन किया गया और आसमान में लड़ाकू विमानों को रवाना कर दिया गया। इतना ही नहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इजरायल ने अपना एयरस्पेस यानी हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया था। हालांकि, उस समय विमान इजरायल से लगभग चार सौ मील की दूरी पर था तभी उसने अचानक अपनी दिशा बदलते हुए सऊदी अरब की तरफ रुख कर लिया, जिसके बाद इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों को वापस बुला लिया और एहतियात के तौर पर सऊदी अरब ने भी अपने फाइटर जेट्स को सक्रिय कर दिया।

इजरायल की सीमा में प्रवेश करने पर क्या होता कड़ा एक्शन

अमेरिकी मीडिया संस्थान सीबीएस न्यूज को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यदि यह विमान इजरायल की सीमा के और अधिक करीब आ जाता, तो इजरायली लड़ाकू विमान उसके ठीक पास जाकर कॉकपिट और उसमें सवार यात्रियों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते। यदि यह पुष्टि हो जाती कि विमान का अपहरण कर लिया गया है, रेडियो पर संपर्क का कोई प्रयास सफल नहीं होता और वह लगातार इजरायल के संवेदनशील इलाकों की ओर बढ़ता रहता, तो यह मामला देश के रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के उच्च स्तर तक पहुंचता। ऐसी स्थिति में विमान को हवा में ही मार गिराने का अंतिम और कड़ा फैसला देश के प्रधानमंत्री के अधिकार क्षेत्र में होता।

सऊदी अरब के तबुक शहर में कराई गई आपात लैंडिंग

विशेषज्ञों के मुताबिक इस प्रकार की सख्त सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य विमान को तेल अवीव के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, प्रसिद्ध अज़रीली सेंटर या किसी अन्य घनी आबादी वाले बड़े ठिकाने से टकराने से बचाना था। गनीमत यह रही कि संकट के उस क्षण में विमान ने सऊदी अरब के वायुक्षेत्र की तरफ रुख कर लिया, जिससे एक बड़ा टल गया और बाद में इस विमान की सऊदी अरब के तबुक शहर में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।