नई दिल्ली। राजधानी के नई दिल्ली जिले में सार्वजनिक जमावड़ों को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संसद भवन और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, जिसका सीधा असर सभा, जुलूस और प्रदर्शनों पर पड़ेगा।
संसद सत्र और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
संसद सत्र के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने यह कदम उठाया है। प्रशासन द्वारा साफ किया गया है कि बिना पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी तरह का जमावड़ा या मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने नागरिकों और आगंतुकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत गतिविधि या प्रतिबंधित जमावड़े से दूर रहें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या है BNSS की धारा 163?
यह प्रावधान पुराने समय की दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के स्थान पर लाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे समय में पाबंदियां लगाना होता है जब प्रशासन को सार्वजनिक शांति, सुरक्षा या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका होती है। हालांकि, आदेश की वास्तविक सीमा और शर्तें संबंधित पुलिस के दिशा-निर्देशों पर निर्भर करती हैं।
जंतर-मंतर और अन्य प्रदर्शन स्थलों की स्थिति
प्रशासन के मुताबिक, जंतर-मंतर जैसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। यहां गतिविधियों के लिए भी पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। पुलिस ने आम जनता को सलाह दी है कि किसी भी सभा या कार्यक्रम में शामिल होने से पहले दिल्ली पुलिस की ताजा आधिकारिक सूचना और दिशा-निर्देशों की जांच अवश्य कर लें।

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