टोक्यो। पूर्वी जापान के कांटो क्षेत्र में एक शक्तिशाली तूफान के कारण मचे भयंकर कोहराम से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश, भीषण बाढ़ और सिलसिलेवार भूस्खलन के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जबकि राहत बचाव दलों द्वारा तीन अन्य लोगों की तलाश अभी भी युद्धस्तर पर जारी है।
चिबा और कानागावा प्रांतों में सबसे ज्यादा तबाही
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग टोक्यो के आसपास के इलाकों से हैं। अकेले टोक्यो के पूर्व में स्थित चिबा प्रान्त में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, राजधानी के दक्षिण-पश्चिम में स्थित कानागावा प्रान्त में भी 4 लोगों की जान चली गई है।
बचाव अभियान और लापता लोगों की तलाश
सरकारी प्रसारक एनएचके से मिली जानकारी के मुताबिक, आपदा में हाल ही में जिस आखिरी पीड़ित का शव बरामद किया गया है, वह 70 वर्ष से अधिक उम्र की एक बुजुर्ग महिला थीं। कानागावा के योकोसुका इलाके में भारी भूस्खलन के बाद से ही वे लापता चल रही थीं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने प्रशासन के हवाले से बताया है कि पुलिस, आपदा प्रबंधन बल और दमकलकर्मी मलबे में फंसे बाकी बचे तीन लापता लोगों को ढूंढने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।

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