September 25, 2026

चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान तनाव, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की

चंडीगढ़। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में शुक्रवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय के समक्ष एक व्यापक प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का समूह निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर अग्रसर हुआ।

इस विरोध प्रदर्शन में सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक परगट सिंह सहित कई प्रमुख नेता सम्मिलित हुए। प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण अभियान की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठाए। हालांकि, पार्टी प्रभारी सचिन पायलट तथा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस मार्च में सम्मिलित नहीं हुए।

पुलिस बैरिकेडिंग और वाटर कैनन का प्रयोग

निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सुरक्षा बलों ने मार्ग में ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग के समीप ही मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया।

आगे बढ़ने के प्रयास को लेकर पुलिस कर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मध्य तीखी झड़प एवं धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (पानी की बौछारों) का प्रयोग किया, जिसके फलस्वरूप पुतले की आग भी पानी की बौछारों से बुझ गई।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें और आरोप

कांग्रेस पार्टी पूर्व में ही यह मांग दोहरा चुकी है कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों तक एसआईआर की संपूर्ण प्रक्रिया को स्थगित किया जाए। प्रदेश अध्यक्ष वड़िंग का यह तर्क है कि आगामी चुनाव पूर्व की मौजूदा मतदाता सूचियों के आधार पर ही संपन्न कराए जाएं, तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि इस प्रक्रिया में किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से न काटा जाए।

इस प्रदर्शन का मुख्य केंद्रबिन्दु मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध आक्रोश भी था। कांग्रेस ने उन पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके त्यागपत्र, उनके विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने तथा कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

नेतृत्व में एकता का दावा और राजनीतिक बयानबाजी

पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार के आंतरिक मतभेद की संभावनाओं को खारिज करते हुए वरिष्ठ नेता परगट सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के सभी नेता एवं कार्यकर्ता पूरी तरह एकजुट हैं और पंजाब के अधिकारों की रक्षा हेतु संघर्ष कर रहे हैं।

इसके साथ ही, उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अंतर्संबंधों का आरोप लगाते हुए 'आप' को भाजपा की बी-टीम करार दिया। उन्होंने जनता से राज्य के व्यापक हित में संगठित होने का आह्वान किया तथा हरियाणा के नेतृत्व पर भी राजनीतिक कटाक्ष किया।