September 24, 2026

ट्रेन में शराब के नशे में उपद्रव किया तो होगी कार्रवाई, ₹1,000 तक पेनल्टी

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के अनुसार, यदि आप चलती ट्रेनों में मदिरापान, धूम्रपान अथवा अवैध रूप से खान-पान की सामग्री बेचते हुए पकड़े जाते हैं, तो आपको जेल की सजा नहीं काटनी होगी। अब रेल अधिकारी मौके पर ही जुर्माना वसूल कर आपको छोड़ देंगे। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) अनुराग कुमार सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि पहले इस प्रकार के मामलों में आरोपी को रेल मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाता था।

पूर्व की व्यवस्था में मजिस्ट्रेट के विवेकानुसार जुर्माना और कारावास की अवधि निर्धारित की जाती थी, परंतु अब रेलवे का वाणिज्य विभाग (कमर्शियल डिपार्टमेंट) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम इन मामलों का सीधे निपटारा करेगी। रेलवे मजिस्ट्रेट के न्यायालय पर लंबित मामलों का बोझ कम करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।

ट्रेन में बिना टिकट पकड़े जाने पर क्या होगी प्रक्रिया?

इसके अतिरिक्त, ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़े जाने पर भी जुर्माना वसूलने का अधिकार अब सीधे रेल अधिकारियों के पास रहेगा। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत लगभग 13 प्रकार के सामान्य श्रेणी के अपराधों को रेल मजिस्ट्रेट के क्षेत्राधिकार से पृथक कर दिया गया है। यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों से रेलवे स्टेशन परिसरों और चलती ट्रेनों में अधिकारियों द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

1989 के नियमों में किया गया संशोधन

यह पहली बार है जब रेलवे ने इस तरह की नई व्यवस्था लागू की है और वर्ष 1989 में बने रेलवे अधिनियम के नियमों को सरल किया है। 1989 के पुराने नियमों में कठोर दंडात्मक कार्रवाई के जो प्रावधान थे, उन्हें अब मौद्रिक जुर्माने के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है।

जुर्माने की राशि में की गई बढ़ोतरी

चलती ट्रेनों में अनुचित गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जुर्माने की राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इसके तहत पूर्व के ₹250 के जुर्माने को बढ़ाकर ₹500, ₹500 के जुर्माने को ₹1,000 तथा ₹2,500 तक निर्धारित किया गया है। इस नई नीति से रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि हो रही है, जिसके अंतर्गत केवल बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों से मात्र 20 दिनों के भीतर ₹3 करोड़ का जुर्माना वसूल किया गया है।