September 22, 2026

कालकाजी मंदिर गई किशोरी को पुलिस बताकर रोका, फिर सामूहिक दुष्कर्म; तीन आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली। दक्षिण पूर्व जिले के कालकाजी मंदिर के समीप स्थित आस्था कुंज पार्क में एक दर्दनाक वारदात सामने आई है। यहां दर्शन करने पहुंचे एक किशोर और 17 वर्षीय किशोरी को खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले तीन युवकों ने धमकाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद एक मुख्य आरोपी को दबोच लिया है, जबकि उसके दोनों साथियों को भी पकड़ लिया गया है।

दर्शन के बाद पार्क में बैठे थे किशोर-किशोरी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने नाबालिग मित्र के साथ शाम के समय कालकाजी मंदिर में दर्शन के लिए आई थी। दर्शन के पश्चात दोनों टहलते हुए मंदिर के पीछे स्थित पार्क के इलाके में चले गए। शाम करीब 7:30 बजे, 25 से 30 वर्ष की आयु के तीन संदिग्ध वहां पहुंचे। खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्होंने दोनों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद उनमें से एक ने किशोर को कसकर पकड़ लिया और तीनों ने मिलकर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद वे फरार हो गए।

पीड़ित के बयानों और हुलिए के आधार पर हुई पहचान

घटना की सूचना मिलने पर हरकत में आई पुलिस ने पीड़िता से मिले हुलिए और विवरण के आधार पर इलाके के सात-आठ संदिग्धों को शॉर्टलिस्ट किया। इसके बाद पीड़िता द्वारा मुख्य आरोपी की पहचान की गई, जिससे पुलिस को जांच में बड़ी सफलता मिली। इस दौरान डरी-सहमी पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुठभेड़ के बाद दबोचा गया मुख्य आरोपी आसिफ

दक्षिण पूर्व जिला पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी आसिफ (34 वर्ष), जो तुगलकाबाद का रहने वाला है, उसे अमर कॉलोनी में डीएम ऑफिस के पास तड़के घेराबंदी कर पकड़ा गया। गिरफ्तारी के दौरान जब उसने भागने की कोशिश की, तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। इस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के मुताबिक, आसिफ के दोनों अन्य साथियों को भी हिरासत में ले लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।