September 16, 2026

गैंगस्टर नीरज बवानिया को हाईकोर्ट से राहत, 6 घंटे की पैरोल के पीछे क्या है वजह?

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने गैंगस्टर नीरज बवानिया को पत्नी और नवजात बच्चे से मिलने के लिए छह घंटे की कस्टडी पैरोल दी है। नीरज की पत्नी और बच्चा इस समय अस्पताल में भर्ती हैं, जिसके चलते अदालत ने मानवीय आधार पर यह फैसला सुनाया है।

कड़ी सुरक्षा के बीच मिलेगी 6 घंटे की अनुमति

अदालत के निर्देशों के मुताबिक, नीरज बवानिया को गुरुवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक पुलिस हिरासत में ले जाया जाएगा। इस तय अवधि में वह अपने घर और अस्पताल जाकर परिजनों से मिल सकेगा। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे समय पुलिस दल उसकी हर गतिविधि पर सख्त निगरानी रखेगा।

अंतरिम जमानत की अर्जी पहले ही खारिज

न्यायिक हिरासत में जेल में बंद नीरज बवानिया ने इससे पहले अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।

कस्टडी पैरोल की सख्त शर्तें

कस्टडी पैरोल के तहत कैदी को हमेशा पुलिस की कड़ी निगरानी में रखा जाता है। नीरज बवानिया को मिली छह घंटे की इस पैरोल में घर और अस्पताल आने-जाने का समय भी शामिल रहेगा, और वह अपनी मर्जी से कहीं अन्य जगह नहीं जा सकेगा।