September 12, 2026

इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में रजाउल्लाह का जलवा, छक्कों की बारिश कर बनाया अनोखा रिकॉर्ड

क्रिकेट के खेल में परिस्थितियां किस प्रकार बदलती हैं, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण एजबेस्टन मैदान पर देखने को मिला। इंग्लैंड के विरुद्ध तीसरे टेस्ट मुकाबले के तीसरे दिन जब पाकिस्तान की टीम पर पारी से पराजय का संकट गहरा रहा था, तब नौवें स्थान पर उतरे युवा खिलाड़ी रजाउल्लाह ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए रिकॉर्ड पुस्तकों में अपना नाम दर्ज करा लिया।

रजाउल्लाह ने महज 63 गेंदों का सामना करते हुए 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें चार चौके और नौ गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उनकी इस जुझारू बल्लेबाजी के दम पर पाकिस्तान ने अपनी दूसरी पारी में 449 रन का स्कोर खड़ा किया और विपक्षी टीम के सामने 129 रनों की बढ़त बनाई।

पदार्पण मुकाबले में सर्वाधिक छक्कों का विश्व रिकॉर्ड

अपनी आक्रामक पारी के दौरान नौ छक्के लगाकर रजाउल्लाह टेस्ट पदार्पण पर सर्वाधिक छक्के जड़ने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउदी के वर्ष 2008 में बनाए गए कीर्तिमान की बराबरी कर ली। इसके अतिरिक्त, वे टेस्ट प्रारूप में नौवें क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए एक पारी में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं।

मोहम्मद अब्बास के संग शतकीय साझेदारी

128 के स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले रजाउल्लाह ने मोहम्मद अब्बास के साथ मिलकर नौवें विकेट के लिए 121 बहुमूल्य रनों की साझेदारी की। अब्बास ने भी 67 गेंदों में 42 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस साझेदारी से पूर्व शान मसूद ने 95 रन, बाबर आजम ने 76 रन और अजान अवैस ने 59 रनों की पारियां खेलीं, परंतु दिन का मुख्य आकर्षण युवा रजाउल्लाह का प्रदर्शन ही रहा।

सफलता के पश्चात खिलाड़ी की प्रतिक्रिया

मुकाबले के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में रजाउल्लाह ने बताया कि दर्शकों द्वारा दी गई सराहना उनके लिए अविस्मरणीय थी। उन्होंने कहा कि वे मैदान पर हर पल का आनंद उठाने के दृष्टिकोण से उतरे थे और परिस्थितियों की परवाह किए बिना अपनी स्वाभाविक शैली में खेले।

रजाउल्लाह का क्रिकेट सफर

पेशावर के मर्दान क्षेत्र में जन्मे 21 वर्षीय रजाउल्लाह का प्रथम श्रेणी स्तर का अनुभव काफी सीमित रहा है। नवंबर 2025 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी ने राष्ट्रीय टीम में चुने जाने से पूर्व केवल आठ मुकाबले खेले थे, जिनमें पेशावर की ओर से खेलते हुए वे एक शतक भी जड़ चुके थे।

मुख्य रूप से तेज गेंदबाज हैं रजाउल्लाह

रजाउल्लाह का प्राथमिक कौशल तेज गेंदबाजी है। इस मुकाबले की पहली पारी में उन्होंने अपनी महज चौथी ही गेंद पर विपक्षी टीम के स्टार बल्लेबाज जो रूट को पवेलियन भेजकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।

टीम में आकस्मिक चयन और अवसर का लाभ

लॉर्ड्स टेस्ट में मिली पराजय के उपरांत चयनकर्ताओं ने टीम में व्यापक बदलाव करते हुए कई वरिष्ठ खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया था। इसी पुनर्गठन के अंतर्गत रजाउल्लाह को आपात स्थिति में टीम में शामिल किया गया और उन्होंने इस अवसर को पूरी तरह से भुनाया।